जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय सेठी ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में प्रस्तावित वधावन बंदरगाह की अनुमानित लागत 75,000 करोड़ रुपये से अधिक है और यह क्षेत्र के लोगों के जीवन को बदलने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।
पालघर के कलेक्टर गोविंद बोडके और पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल की मौजूदगी में यहां एक संवाददाता सम्मेलन में सेठी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण इस परियोजना को कुछ समूहों द्वारा दुष्प्रचार का शिकार बनाया जा रहा है जो गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। सेठी ने कहा कि वधावन बंदरगाह को जेएनपीटी और महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड द्वारा विकसित किया जा रहा है और इसे 13 फरवरी, 2020 को केंद्र से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है, जबकि संदर्भ की शर्तों (टीओआर) को उसी वर्ष 7 अक्टूबर को मंजूरी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि सभी पर्यावरण कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा चार साल के अध्ययन के बाद, बंदरगाह परियोजना को 31 जुलाई, 2023 को दहानु तालुका पर्यावरण संरक्षण प्राधिकरण (डीटीईपीए) द्वारा अनुमोदित किया गया था।
उन्होंने कहा, 'भारतीय बंदरगाह अधिनियम के तहत वधावन एक प्रमुख बंदरगाह होगा। इस पर 76,220 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कार्यान्वयन के लिए निवेश प्रस्ताव केंद्र सरकार के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि बंदरगाह के निर्माण से तारापुर परमाणु ऊर्जा स्टेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ सभी चर्चाएं की गई हैं।