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Prophet Controversy: इस्लामिक देशों की नाराजगी दूर करने की कोशिशें तेज, विदेश मंत्रालय ने कहा- किसी के ट्वीट या बयान सरकार के विचार नहीं

सार

बागची से जब कुवैत, कतर, यूएई...समेत अन्य देशों में भारतीय सामान या स्टोर के बहिष्कार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट उन्होंने देखी है। फिलहाल वह सोशल मीडिया पर किसी की टिप्पणी का कोई जवाब देना उचित नहीं समझते।
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अरिंदम बागची - फोटो : ANI
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विस्तार
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किसी का ट्वीट, वक्तव्य, टिप्पणी उसके निजी विचार हैं, यह भारत सरकार के विचार नहीं हो सकते। भारत ने इसी कूटनीतिक लाइन को अपने जवाब में शामिल कर पैगम्बर मोहम्मद पर भाजपा की नेता नुपुर शर्मा की टिप्पणी से नाराज इस्लामिक देशों को मनाना शुरू किया है। भारत ने कतर, कुवैत समेत अन्य देशों को यह भी बताया कि जिन लोगों ने यह ईश निंदा की है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी हुई है। हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची  नाराजगी जताने वाले देशों की संख्या के सवाल को बड़े ही कूटनीतिक तरीके से टाल गए। बागची ने पाकिस्तान के कराची शहर में मंदिर पर हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी और चीन से लगे लद्दाख के क्षेत्र को लेकर कहा कि भारत सरकार विशेष चौकसी रख रही है।

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बागची से जब कुवैत, कतर, यूएई...समेत अन्य देशों में भारतीय सामान या स्टोर के बहिष्कार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट उन्होंने देखी है। फिलहाल वह सोशल मीडिया पर किसी की टिप्पणी का कोई जवाब देना उचित नहीं समझते। बागची ने भरोसा दिलाया कि पैगंबर मोहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में भारतीय दूतावास सक्रिय हैं। उन्होंने इस मामले में प्रतिक्रिया देने वाले देशों के साथ संवाद स्थापित किया है और जवाब दिया है। बागची ने कहा कि भारत द्वारा दिए गए वक्तव्य भी अब सार्वजनिक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों में भारत के हितों को कोई खतरा नहीं है। हमारे हित सुरक्षित हैं।

चीन से लगे लद्दाख क्षेत्र और अमेरिकी जनरल के बयान पर क्या बोले?
अप्रैल 2020 से चीन लद्दाख क्षेत्र में एक तरफा अवधारणा बदलने का प्रयास कर रहा है। भारत का चीन के ऊपर यही आरोप है। दोनों तरफ दोनों देशों की सेनाएं तैनात हैं। चीन की तरफ पड़ोसी देश की घेरेबंदी, सैन्य तैयारी और गुप्त चाल को लेकर अमेरिकी जनरल ने आगाह किया है। इस बारे में सवाल पूछे जाने पर बागची ने बहुत संभलकर जवाब दिया। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी इसको पढ़ा है। 
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि सीमा पर शांति, सौहार्द और स्थायित्व कायम करने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। भारत अपनी एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सीमावर्ती क्षेत्र और खासकर पश्चिमी क्षेत्र में चीन के आधारभूत संरचना विकास से लेकर हर तरह के परिवर्तन, सैन्य तैनाती समेत सभी अवयवों पर विशेष निगाह रखी जा रही है। 

चीन के साथ प्रयास का उल्लेख करते हुए भारत ने कहा कि हमारे विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दोनों चीन के अपने समकक्ष से चर्चा कर रहे हैं। दोनों देशों के सैन्य कमांडरों के बीच में 15 दौर की और राजनयिक स्तर पर डब्ल्यूसीसी फोरम की 10 बैठकें हो चुकी है। तमाम मुद्दों पर सहमति भी बनी है और इसके प्रयास जारी हैं। 

पाकिस्तान को किया ताकीद, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा महत्वपूर्ण

  • भारत ने पाकिस्तान के कराची शहर में हिन्दू मंदिर पर हमले को लेकर पड़ोसी देश को आगाह किया है। अपनी नाराजगी जताई है और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। भारत ने कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ रही धार्मिक कट्टरता और अल्पसंख्यकों(हिन्दू, सिक्ख आदि) की सुरक्षा पर पड़ोसी देश को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। 
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की अपने ईरान के समकक्ष से हुई बातचीत की भी संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान और वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात रुकने का भारत की ऊर्जा सुरक्षा के ऊपर गहरा असर पड़ रहा है। भारत को दिक्कतें आ रही हैं। ईरान के साथ चाहबहार बंदरगाह परियोजना को महत्वपूर्ण बताया। हालांकि इसके बारे में ताजा और तात्कालिक जानकारी नहीं दी।
  • बागची ने कहा कि ईरान के विदेश मंत्री के साथ अफगानिस्तान और क्षेत्रीय मुद्दे पर भी चर्चा साझा हुई। भारत अफगानिस्तान में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। पिछली सहायता पहुंचाने में उन्होंने पाकिस्तान की सहायता का भी जिक्र किया।
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