शिराहट्टी फक्किरेश्वर मठ के प्रमुख वीरशैव लिंगायत संत डिंगलेश्वर स्वामी ने एलान किया है कि वे धारवाड़ लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव में उतरेंगे। गौरतलब है कि भाजपा से नाराजगी के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
शिराहट्टी फक्किरेश्वर मठ के प्रमुख वीरशैव लिंगायत संत डिंगलेश्वर स्वामी ने सोमवार को कहा कि उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव में धारवाड़ क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। इस क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने उन पर वीरशैव-लिंगायत और अन्य समुदायों को दबाने और सत्ता में बने रहने के लिए लिंगायत का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
धारवाड़ लोकसभा सीट से लडूंगा चुनाव- दिंगलेश्वर स्वामी
डिंगलेश्वर स्वामी ने कहा कि मैं धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में घोषणा कर रहा हूं। जैसा कि आप जानते हैं कि राष्ट्रीय पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को लगता है कि दोनों पार्टियां मैच फिक्सिंग की तरह चुनाव फिक्सिंग में शामिल हो गई हैं।
जो भी कहते हैं वो मेरे लिए आशीर्वाद है- प्रह्लाद जोशी
इस बीच, स्वामी के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि डिंगलेश्वर स्वामी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं है। वह जो भी कहते हैं वह मेरे लिए आशीर्वाद है। संत ने वहीं कांग्रेस सरकार पर सत्ता में आने के बाद लिंगायतों की उपेक्षा करने और समुदाय के योग्य नेताओं को उपयुक्त पद नहीं देने का भी आरोप लगाया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने दोनों भाजपा और कांग्रेस पर धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
भाजपा से उम्मीदवार बदलने का दिया था अल्टीमेटम
प्रमुख लिंगायत संत ने कहा कि धर्म को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए और राजनीति में धर्म होना चाहिए। लोगों की इच्छा के मुताबिक, मैं चुनाव के बाद भी जारी रखूंगा। धारवाड़ क्षेत्र के कुछ संतों, विशेषकर लिंगायत समुदाय के लोगों ने 27 मार्च को डिंगलेश्वर स्वामी के नेतृत्व में हुबली में मुलाकात की और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से पार्टी के धारवाड़ लोकसभा उम्मीदवार प्रह्लाद जोशी को बदलने के लिए कहा था। उन्होंने पार्टी को फैसला लेने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया था।