कर्नाटक के बेलागावी में स्वतंत्रता सेनानी संगोली रायन्ना की प्रतिमा को तोड़े जाने और सरकारी वाहनों पर पथराव की दो अप्रिय घटनाओं के बाद शनिवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक धारा 144 लागू लगा दी गई है। साथ ही सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
हुबली में पत्रकारों से बात करते हुए, सीएम बोम्मई ने कहा कि पत्थरबाजी, सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं अवैध हैं, इसलिए पुलिस को दीर्घकालिक उपाय करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस सूत्रों ने कहा कि इन मामलों के संबंध में 27 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जाने कैसे शुरू हुआ विवाद
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर कथित रूप से स्याही की खबर आने के बाद महाराष्ट्र समर्थकों ने बीती रात बेलगावी के संभाजी सर्किल में विरोध प्रदर्शन किया और शिवाजी की प्रतिमा पर स्याही फेंकने वालों की गिरफ्तारी की मांग की। कार्रवाई में देरी के बाद तनाव बढ़ गया और बेलगावी के अंगोल में रखी गई सांगोली रायन्ना की मूर्ति क्षतिग्रस्त कर दी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हरकत महाराष्ट्र समर्थकों का है।वहीं सांगोली रायन्ना सेना के अध्यक्ष शिवराज होलीमठ ने शनिवार को तिलकवाड़ी पुलिस से शिकायत की कि दक्षिण बेलगावी में अंगोल में उनके घर के सामने रखी गई सांगोली रायन्ना की मूर्ति क्षतिग्रस्त की गई है।
जानें क्या है पूरा विवाद
बेलागावी जो वर्तमान में कर्नाटक राज्य का हिस्सा है, पहले बॉम्बे प्रेसीडेंसी का भाग था लेकिन महाराष्ट्र भाषा के आधार पर बेलागावी को अपना भाग बताता है। 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम द्वारा बेलगाम को भाषायी और प्रशासनिक कारणों से कन्नड़ बहुल कर्नाटक राज्य के अधीन कर दिया गया था जबकि बेलगाम में मराठी बोलने वालों की संख्या बहुत अधिक है।