पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के साथ काम कर चुके हैं वैष्णव
मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले अश्विनी वैष्णव 1994 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। अश्विनी वैष्णव ने आईएएस अधिकारी रहते हुए कई शानदार काम किए थे। इसके बाद उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री काल में पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया था। यहां उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का खाका तैयार किया था। इसके बाद जब अटल जी की सरकार चली गई, तब वैष्णव उनके निजी सचिव के तौर पर काम देखने लगे थे।
वैष्णव का गुजरात कनेक्शन
आईआईटी ग्रैजुएट वैष्णव ने साल 2008 में नौकरी छोड़ दी और वह अमेरिका की वॉर्टन यूनिवर्सिटी चले गए, जहां से उन्होंने एमबीए की पढ़ाई की। कई जानी-मानी कंपनियों में काम करने के बाद वह देश वापस लौटे और गुजरात में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खोली। इसके बाद उन्होंने जनरल इलेक्ट्रिक और सिमेन्स जैसी कंपनियों में भी शीर्ष पदों पर काम किया। इसी साल अप्रैल में उन्हें भारतीय प्रेस परिषद का सदस्य नामित किया गया था।
निर्विरोध चुने गए राज्यसभा सांसद
एक उद्यमी होने के साथ ही वह राजनीति से भी जुड़े रहे। वैष्णव 28 जून 2019 को हुए राज्यसभा चुनाव से सिर्फ छह दिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने ओडिशा से भाजपा के टिकट पर राज्यसभा का चुनाव जीत कर सबको सकते में डाल दिया था क्योंकि पार्टी के पास विधायकों की संख्या इतनी नहीं थी कि वह चुनावों में जीत हासिल सकें।
भाजपा में होने के बावजूद उन्हें राज्यसभा चुनाव में ओडिशा के सीएम और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक का समर्थन हासिल था। बीजेडी के भीतर कई नेताओं ने इसकी आलोचना की थी। आरोप लगाए गए कि पटनायक पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दबाव में झुक गए और वैष्णव का समर्थन कर दिया। बीजेडी के समर्थन के बाद वे निर्विरोध चुने गए थे।