प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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हर रिकार्ड को पीछे छोड़कर कामकाज का नया रिकार्ड बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही है। केंद्र सरकार ने 17वीं लोकसभा में जहां अब रिकॉर्ड विधेयकों को दोनों सदनों में मंजूरी दिलाने में सफलता पाई है, वहीं सूचना का अधिकार, तीन तलाक, विधिविरुद्ध निवारण (संशोधन) विधेयक जैसे जटिल विधेयकों को पारित कराने में सत्तापक्ष को सफलता मिली है। इस सत्र में मोदी सरकार एक रिकार्ड और बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार की दूसरी बार संसद का मौजूदा सत्र बढ़ाने की योजना है। बस इसकी घोषणा भर शेष है।
14 अगस्त तक जारी रह सकता है मौजूदा सत्र
संसद का मौजूदा सत्र पहले 27 जुलाई तक प्रस्तावित था, लेकिन इसे बढ़ाकर 7 अगस्त तक किया गया। लेकिन अब सरकार इसे फिर विस्तार देने वाली है। एक केंद्रीय मंत्री के कार्यालय के सूत्र के अनुसार सदन के वर्तमान सत्र को 14 अगस्त तक विस्तार देने की योजना पर विचार हो रहा है। सूत्र का कहना है कि दो दिन पहले ही केंद्र सरकार के मंत्रियों को अनौपचारिक (मौखिक) रूप से 9 अगस्त तक जारी रखने की सूचना दे दी गई है।
लेकिन केंद्र सरकार अब नौ अगस्त के बजाय संसद के वर्तमान सत्र को 14 अगस्त तक जारी रखने पर विचार कर रही है। बताते हैं कैबिनेट की बैठक में कुछ नए विधेयकों को मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में केंद्र सरकार चाहती है कि इन विधेयको को भी इसी सत्र में ही पारित करा लिया जाए। सूत्र का कहना है कि इसका निर्णय सोमवार तक हो जाने की पूरी संभावना है।
सरकार के रणनीतिकारों को इसके दो लाभ नजर आ रहे हैं। पहला तो यह कि अधिक संख्या में विधेयकों को मंजूरी मिलेगी। दूसरा लाभ सभी सांसदों के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अगले दिन लाल किला प्रांगण में मौजूद रहने से जुड़ा है। केंद्र में दोबारा मोदी सरकार के गठन के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस होगा।
लोकसभा में कामकाज का बनेगा रिकार्ड
इस तरह से संसद का सत्र विस्तार भी अपने आप में रिकार्ड जैसा होगा। इसके अलावा देश के संसदीय इतिहास में यह सत्र भी अनोखा साबित होने वाला है। संसद के इस सत्र में केंद्र सरकार द्वारा रिकार्ड संख्या में बिल पेश किए और उन्हें मंजूरी दी गई है। बतौर उदाहरण दो अगस्त को राज्यसभा ने एक दिन में ही तीन विधेयकों को मंजूरी दी है। इतना ही नहीं नई लोकसभा के गठन के बाद से अब तक एक भी दिन लोकसभा की कार्यवाही स्थगित नहीं हुई है।
लोकसभा में इस सत्र में कुल 34 विधेयक आए थे। 31 लोकसभा में पेश किए गए थे और तीन राज्यसभा में। इनमें से लोकसभा ने 30 विधेयकों को पारित कर दिया है। केवल चार बिल बचे हैं। हालांकि राज्यसभा में कार्यवाही बाधित हुई है और राज्यसभा स्थगित हुई है, लेकिन लोकसभा ने रिकार्ड कामकाज किया है। लोकसभा सचिवालय का कहना है इतनी संख्या में कभी विधेयकों को मंजूरी नहीं मिल पाई।