सहारनपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने की बात कही है, लेकिन प्रदेश के चिकित्सक पहले से ही इस सुविधा के दायरे में हैं।
सपा सरकार ने तकरीबन दो वर्ष पहले ही शिक्षा संवर्ग यानी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष कर दी थी। इससे पहले यह आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित थी।
उधर, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के तहत आने वाले डॉक्टरों की रिटायरमेंट आयु अभी 60 वर्ष ही है। लेकिन इस संवर्ग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 5 वर्ष की री-ज्वाइनिंग की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत विशेषज्ञ चिकित्सक 65 वर्ष तक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।