राष्ट्रपति चुनाव के लिए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और विपक्षी प्रत्याशी यशवंत सिन्हा के अलावा कई आम लोग भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें मुंबई के एक झुग्गीवासी, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के हम नाम, तमिलनाडु के एक सामाजिक कार्यकर्ता और दिल्ली के एक प्रोफेसर भी हैं।
राजग उम्मीदवार मुर्मू 24 जून को अपना नामांकन करा चुकी हैं जबकि विपक्षी प्रत्याशी सिन्हा सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे। चुनाव में मुख्य मुकाबला इन्हीं दोनों नेताओं के बीच होना तय है लेकिन अब तक कम से कम 30 अन्य लोगों ने भी राज्यसभा महासचिव और चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी के समक्ष अपना नामांकन दाखिल किया है। मुंबई के मुलुंड उपनगर में अमर नगर स्लम संख्या एक निवासी संजय सावजी देशपांडे ने नौ जून को चुनाव के एलान के कुछ दिनों बाद ही अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। बिहार के सारण निवासी लालू प्रसाद यादव, तमिलनाडु के नामक्कल जिले से सामाजिक कार्यकर्ता टी. रमेश और दिल्ली के तिमारपुर के प्रोफेसर दयाशंकर अग्रवाल ने भी अपना नामांकन दाखिल किया है।
प्रस्तावकों में मोदी, शाह व नड्डा के भी नाम
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों ने अपने प्रस्तावकों और अनुमोदकों के तौर पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के नाम लिखे हैं, लेकिन हस्ताक्षर नहीं है।
1967 में थे सबसे अधिक 17 उम्मीदवार
राष्ट्रपति चुनाव में 1967 में सबसे अधिक 17 उम्मीदवार थे। 1967 के चुनाव में जाकिर हुसैन देश के चौथे राष्ट्रपति चुने गए थे। हुसैन के निधन के चलते 1969 में पांचवां राष्ट्रपति का चुनाव हुआ। इसमें 15 उम्मीदवार थे।
राजग उम्मीदवार मुर्मू एक जुलाई से शुरू कर सकती हैं प्रचार अभियान
राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू एक जुलाई से अपना प्रचार अभियान शुरू कर सकती हैं। सूत्रों ने रविवार को कहा कि वह अभियान की शुरुआत ऐसे राज्य से करेंगी जहां आदिवासियों की आबादी अच्छी खासी है। हालांकि इस राज्य के नाम को अंतिम रूप देने के लिए विचार-विमर्श हो रहा है। इस बीच मुर्मू ने चुनाव में समर्थन के लिए विभिन्न दलों के नेताओं से फोन पर संपर्क किया है।
सूत्रों का कहना है कि वह आगामी दिनों में तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके और तेलंगाना में सत्तासीन तेलंगाना राष्ट्र समिति जैसे विपक्षी दलों के नेताओं से भी मुलाकात व फोन कर समर्थन की अपील करेंगी। उन्होंने शनिवार को झारखंड के मुख्यमंत्री व झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख हेमंत सोरेन को फोन कर समर्थन मांगा था। 24 जून को नामांकन दाखिल करने से पहले उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फोन कर समर्थन की अपील की थी।
जयंत अपने ‘राजधर्म’ का पालन करेगा, मैं ‘राष्ट्रधर्म’ का : सिन्हा
विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने रविवार को कहा कि 18 जुलाई को होने वाला यह चुनाव व्यक्तिगत मुकाबले से कहीं अधिक है। यह सरकार के सत्तावादी रवैये का विरोध करने की दिशा में एक कदम है। अपने बेटे और भाजपा सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन नहीं मिलने पर उन्होंने कहा कि वह किसी ‘धर्म संकट’ में नहीं हैं। बेटा अपने राजधर्म का पालन करेगा और वह अपने राष्ट्रधर्म का। एक साक्षात्कार में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, यह चुनाव भारत के राष्ट्रपति चुनाव से कहीं अधिक है।