राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार सुबह ओडिशा के जाजपुर जिले में बिराजा मंदिर में पिंड दान अनुष्ठान किया। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और राष्ट्रपति के दौरे के लिए लगभग 600 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
13वीं शताब्दी के मंदिर में की पूजा
मुर्मू ने अपने पूर्वजों की आत्माओं के उद्धार के लिए मंदिर परिसर में स्थित पवित्र तालाब नवी गया में पिंड दान की रस्म अदा की। पौराणिक कथाओं के अनुसार, राक्षस गयासुर का भगवान विष्णु द्वारा वध किए जाने के बाद, उसका शरीर तीन भागों में विभाजित हो गया। उसका सिर बिहार के गया में, उसके पैर आंध्र प्रदेश के पीठापुरम में और नाभि भाग ओडिशा के जाजपुर में गिरा। पिंड दान अनुष्ठान शुरू करने से पहले, मुर्मू ने 13वीं शताब्दी के उस मंदिर में पूजा की, जहां देवी बिरजा की पूजा दुर्गा के दो हाथों वाली रूप में की जाती है, जिसमें वह एक हाथ से महिषासुर की छाती में भाला घोंप रही हैं और दूसरे हाथ से उसकी पूंछ खींच रही हैं।
विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में लेंगी भाग
एक अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर जाजपुर कस्बे और उसके आसपास के इलाकों के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद मुर्मू बालासोर में फकीर मोहन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।