राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के प्रति विशिष्ट सेवा के लिए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी को परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) प्रदान किया। राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार को हुए रक्षा अलंकरण समारोह के दूसरे चरण में राष्ट्रपति मुर्मू ने सशस्त्र बलों और भारतीय तटरक्षक बल के 94 कर्मियों को विशिष्ट सेवा अलंकरण प्रदान किए। पहले चरण में 5 जुलाई को राष्ट्रपति ने कर्तव्य के दौरान अदम्य साहस और असाधारण वीरता का प्रदर्शन करने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को 10 कीर्ति चक्र प्रदान किए थे। इनमें सात मरणोपरांत दिए गए थे।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार को 31 परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम), चार उत्तम युद्ध सेवा पदक (यूवाईएसएम), दो बार टू अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और 57 को एवीएसएम प्रदान किए गए। इन कर्मियों को अपने अपने क्षेत्र में असाधारण स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया गया। परम विशिष्ट सेवा पदक पाने वालों में सेना व नौसेना प्रमुख के अलावा इन्फैंट्री लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार, इन्फैंट्री लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, लेफ्टिनेंट जनरल जॉनसन पी मैथ्यू और एयर मार्शल रवि गोपाल कृष्ण कपूर के अलावा सेना और भारतीय वायु सेना के कई सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन ने पुरस्कार समारोह की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा कीं। इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्र राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और दिल्ली उप राज्यपाल वीके सक्सेना समेत तमाम लोग शामिल हुए।
इन्हें मिला उत्तम युद्ध सेवा पदक
हाल ही में सेना प्रमुख बने हैं उपेंद्र द्विवेदी
लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून को नए सेनाध्यक्ष का पदभार संभाला है। उन्होंने जनरल मनोज पांडे की जगह ली। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी 30वें सेनाध्यक्ष बने हैं। 1 जुलाई, 1964 को जन्मे द्विवेदी को 15 दिसंबर, 1984 को भारतीय सेना की जम्मू और कश्मीर राइफल्स में कमीशन मिला था। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी का उत्तरी सेना कमांडर के रूप में लंबा कार्यकाल रहा है। उन्हें पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर सैन्य गतिरोध में चल रहे अभियानों का लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने अपनी लगभग 40 साल की लंबी और प्रतिष्ठित सेवा के दौरान कई कमांड, स्टाफ, इंस्ट्रक्शनल और विदेशी नियुक्तियों में काम किया।