देश के 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वीरता और सेवा सम्मान पुरस्कार घोषित करते हुए बताया कि इस वर्ष 1,132 कर्मियों को सम्मानित किया गया है। गृह मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने विभिन्न पुरस्कारों को तर्कसंगत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके लिए 16 वीरता और सेवा पदकों (पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवा के लिए) को राष्ट्रपति वीरता पदक (पीएमजी), वीरता पदक (जीएम), विशिष्ट सेवा (पीएसएम) और सराहनीय सेवा पदक (एमएसएम) में विलय कर दिया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक, इस बार सीमा सुरक्षा बल (बीएएसएफ) के दिवंगत सांवला राम बिश्नोई और दिवंगत शिशुपाल सिंह को मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। ये दो पीएमजी पुरस्कार विजेता पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवा के उन सभी 1,132 कर्मियों में से हैं, जिन्हें उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।
विशिष्ट सेवा के लिए 102 को राष्ट्रपति पदक
विशिष्ट सेवा के लिए 102 राष्ट्रपति पदक में से 94 पुलिस सेवा को, चार अग्निशमन सेवा को और चार नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड सेवा को दिए गए हैं। सराहनीय सेवा के लिए 753 पदकों में से 667 पुलिस को, 32 अग्निशमन सेवा को, 27 नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड सेवा को और 27 सुधारात्मक सेवा के लिए प्रदान किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर के 133 कर्मियों का चयन
दिवंगत सांवला राम बिश्नोई और दिवंगत शिशुपाल सिंह को मोरक्कन रैपिड में बीएसएफ की 15वीं कांगो टुकड़ी के सदस्य के रूप में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (मोनुस्को) में संयुक्त राष्ट्र मिशन के हिस्से के रूप में शांति स्थापना में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। वही, वीरता पदक के लिए 275 कर्मियों को पुरस्कृत किया गया है। इनमें से 119 ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में काम किया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 133 कर्मियों को इसके लिए चुना गया है। इसके अलावा शेष 25 कर्मियों को शेष क्षेत्रों व बलों से चुना गया है।
31 सीबीआई अफसरों को पुलिस पदक
भ्रष्टाचार के बड़े मामलों की जांच करने वाले 31 सीबीआई अधिकारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। सीबीआई ने बृहस्पतिवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के कोयला घोटाले, दिल्ली के शराब नीति घोटाले और नीरव मोदी मामले की जांच करने वाले अधिकारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। फिलहाल छत्तीसगढ़ पुलिस एडीजी को अमित कुमार विशिष्ट सेवा के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार सीबीआई के संयुक्त निदेशक के तौर पर कोयला घोटाले की जांच का नेतृत्व करने के लिए दिया गया है। इसके अलावा यौन शोषण, साइबर अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी के खिलाफ जांच की निगरानी में अहम भूमिका निभाई थी।
आरपीएफ व आरपीएसएफ के 16 कर्मी सम्मानित
राष्ट्रपति ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) व रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) के 16 अधिकारियों एवं कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया। बनारस लोकोमोटिव वर्क्स के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त, रणवीर सिंह चौहान को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पदक दिया गया है।
कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और सेना मेडल देने का एलान
सशस्त्र बलों के कर्मियों को वीरता पुरस्कार में छह कीर्ति चक्र शामिल हैं। तीन जवानों को मरणोपरांत यह सम्मान मिलेगा। इस साल 16 शौर्य चक्र दिए जाएंगे। दो जवानों को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। 53 सेना पदक दिए जाएंगे। सात मेडल मरणोपरांत देने का फैसला लिया गया है। सशस्त्र बलों के जवानों को एक नौसेना पदक (वीरता) और चार वायु सेना पदक (वीरता) भी दिए जाएंगे।
वीरता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले जवानों की सूची में प्रमुख नाम
कीर्ति चक्र पुरस्कार विजेताओं में मेजर दिग्विजय सिंह रावत, दीपेंद्र विक्रम बासनेत और हवलदार पवन कुमार यादव शामिल हैं। मरणोपरांत पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में कैप्टन अंशुमान सिंह, हवलदार अब्दुल माजिद और सिपाही पवन कुमार शामिल हैं। शौर्य चक्र विजेताओं में मेजर मानेओ फ्रांसिस, मेजर अमनदीप जाखड़, नायब सूबेदार बारिया संजय कुमार भामर सिंह, हवलदार संजय कुमार और परषोतम कुमार (नागरिक) शामिल हैं। नौसेना के लेफ्टिनेंट बिमल रंजन बेहरा और वायुसेना के विंग कमांडर शैलेश सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट हृषिकेश जयन करुथेदथ व सीआरपीएफ के सहायक कमांडेंट बिभोर कुमार सिंह भी शौर्य चक्र विजेताओं में हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान मोहन लाल, अमित रैना, फरोज अहमद डार और वरुण सिंह को भी शौर्य चक्र सम्मान मिला। मरणोपरांत यह पुरस्कार पाने वालों में कैप्टन एमवी प्रांजल और राइफलमैन आलोक राव शामिल हैं।
उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मानित किए जाएंगे जांबाज सपूत
भारतीय सेना के उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, मध्य सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि और दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह को परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSP) से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय वायु सेना में रखरखाव कमान (Maintenance Command) के प्रमुख एयर मार्शल विभास पांडे को परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम) से सम्मानित किया जाएगा।
नौसेना और तटरक्षक बल के मुख्य महानिदेशक को भी सम्मान
भारतीय नौसेना के वाइस चीफ वाइस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी को इस गणतंत्र दिवस पर परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के मुख्य महानिदेशक राकेश पाल अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किए जाएंगे।
कैप्टन अंशुमान ने 4-5 लोगों को बचाया, दिया सर्वोच्च बलिदान
इस वर्ष 21वीं पैरा स्पेशल फोर्स के मेजर दिग्विजय सिंह रावत, चौथे सिख के मेजर दीपेंद्र विक्रम बासनेत और 21वीं महार रेजिमेंट के हवलदार पवन यादव को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।पंजाब की 26वीं बटालियन में डॉक्टर के रूप में सेवाएं देने वाले कैप्टन अंशुमान सिंह को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। अंशुमान सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र में एक चिकित्सा अधिकारी के रूप में तैनात थे। 19 जुलाई, 2023 को आग लगने की घटना हुई थी। इसमें उन्होंने एक फाइबरग्लास झोपड़ी को आग में घिरा देखा। उन्होंने संकट में फंसे 4-5 लोगों की जान बचाने में मदद की। चिकित्सा सहायता बॉक्स निकालने के लिए चिकित्सा जांच कक्ष में घुसे कैप्टन अंशुमान तेज हवाओं और भारी आग के कारण कमरे से बाहर नहीं निकल सके और सर्वोच्च बलिदान दिया। मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा।
हवलदार ने राजौरी में आतंकी को ढेर किया, अब मरणोपरांत कीर्ति चक्र
9वीं पैरा स्पेशल फोर्सेज के हवलदार अब्दुल माजिद पिछले साल 22 नवंबर को राजौरी सेक्टर के जंगली इलाकों में एक सर्च ऑपरेशन में स्क्वाड कमांडर के रूप में तैनात थे। उन्होंने सबसे पहले 63 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के घायल कैप्टन एमवी प्रांजल को बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद उन्होंने एक प्राकृतिक गुफा के पास पोजीशन ले ली, जहां आतंकवादी छिपे हुए थे। आतंकियों की गोलीबारी में घायल होने के बावजूद उन्होंने छिपे हुए आतंकी की तरफ ग्रेनेड फेंका। अपनी टीम पर मंडराते खतरे को भांपते हुए, हवलदार अब्दुल माजिद आतंकवादी की तरफ बढ़े और उसे ढेर कर दिया। ऑन ड्यूटी सर्वोच्च बलिदान देने के कारण इन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
पुलवामा में शहादत देने वाले सपूत को भी मिला सम्मान
55 राष्ट्रीय राइफल्स ग्रेनेडियर्स के हवलदार पवन कुमार 27 फरवरी, 2023 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में एक ऑपरेशन का हिस्सा थे। उन्होंने एक आतंकवादी को मार गिराया और एक अन्य को घायल कर दिया। असाधारण वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित
63 राष्ट्रीय राइफल्स सिग्नल कोर के कैप्टन एमवी प्रांजल एक छोटी निगरानी टीम का नेतृत्व कर रहे थे। राजौरी जिले में उनका सामना दो आतंकवादियों से हुआ। स्थानीय महिलाओं और बच्चों की जान पर मंडराते खतरे को महसूस करते हुए उन्होंने पहले नागरिकों को आतंकवादियों से बचाया। न्यूनतम सुरक्षा कवर के बावजूद आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए उन्होंने अतिरिक्त सैनिकों की मदद पहुंचने तक दहशतगर्दों को रोक कर रखा। गंभीर रूप से घायल होने के कारण कैप्टन प्रांजल ने सर्वोच्च बलिदान दिया। आम नागरिकों की जान बचाने और आतंकवादियों का सफाया करने के लिए उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।