2014 के लोकसभा चुनावों के बाद से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग भारतीय जनता पार्टी के सभी प्रमुख राजनीतिक अभियानों की धुरी और चेहरा रहे हैं। सभी प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं पर उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। पहले पार्टी उनके जन्मदिन को "सेवा सप्ताह" के रूप में मनाती रही है लेकिन इस साल अभियान को "सेवा और समर्पण अभियान" के रूप में विस्तार दिया गया है। 17 सितंबर से सात अक्तूबर तक यह अभियान चलेगा। 17 सितंबर से यह अभियान इसलिए शुरू हो रहा है क्योंकि इस दिन पीएम का जन्मदिन है और सात अक्तूबर 2001 को वे पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। इसलिए सात अक्तूबर को अभियान का समापन हो रहा है।
पांच राज्यों में चुनाव के मद्देनदर यह काफी अहम
पार्टी का कार्यक्रम 'सेवा और समर्पण अभियान' ऐसे समय में होने वाला है जब मोदी और उनकी सरकार को कोरोना की पहली लहर में प्रवासी संकट, दूसरी लहर के कुप्रबंधन और महंगाई को लेकर कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। लेकिन भाजपा अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इस कार्यक्रम को बहुत अहम मान रही है।