ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी (फाइल फोटो)
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टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी के नेतृत्व में हम सब एकजुट हैं। साथ ही कहा कि पुराने नेताओं और नई पीढ़ी के बीच कोई भी भेद नहीं हैं। गौरतलब है कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं।
टीएमसी में मतभेद का तो सवाल ही नहीं- अभिषेक
विपक्ष और तमाम रिपोर्ट में दावा किया गया कि टीएमसी के भीतर पुरानी पीढ़ी और नई पीढ़ी में कई मुद्दों को लेकर आपसी मतभेद हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पुरानी और नई पीढ़ी में मतभेद का सवाल ही नहीं। इस तरह की सभी रिपोर्ट गलत और पूरी तरह से आधारहीन हैं। दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मैं मतभेदों की खबरों को खारिज करते हुए कहना चाहता हूं कि पश्चिमबंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में हम सब एकजुट हैं।
लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा हूं- अभिषेक बनर्जी
साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें भी आ रही थी कि मैंने टीएमसी में निष्क्रिय होने का फैसला लिया है। आपको लोगों को क्या लगता है। इस तरह की खबरें अपवाह के अलावा कुछ नहीं हैं। लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ मेरे पास अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार करने की जिम्मेदारियां हैं। इसका ये मतलब नहीं कि मुझे अगर जिम्मेदारी दी गई, तो मैं पार्टी में योगदान नहीं दूंगा।
अपनी लोकसभा सीट पर वृद्धावस्था पेंशन योजना शुरू की
अभिषेक बनर्जी ने आगामी लोकसभा चुनाव से पहले अपने डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक पेंशन योजना शुरू की। हालांकि, विपक्षी भाजपा ने इस पहल के लिए आवश्यक धन के स्रोत पर सवाल उठाया। 'श्रोद्धर्ग्यो' (वरिष्ठों का सम्मान) पहल के तहत 16,380 पार्टी स्वयंसेवक पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के लोकसभा क्षेत्र में 76,000 बुजुर्गों को 1,000 रुपये की मासिक पेंशन प्रदान करने के लिए धन का योगदान देंगे।