प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कोविड-19 की समीक्षा बैठक से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के गायब रहने से सूबे की सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इसे लेकर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है तो शिवसेना ने भी पलटवार किया है।
नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की समीक्षा के दौरान उद्धव ठाकरे की जगह स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे की मौजूदगी पर पाटिल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हम किसी के स्वास्थ्य पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन मुख्यमंत्री पद बहुत महत्वपूर्ण है। उद्धव ठाकरे को बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना चाहिए था। उन्होंने तंज कसा कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर विश्वास नहीं है तो अपने बेटे आदित्य को ही पदभार सौंप दें।
इस पर शिवसेना प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि भाजपा के पास आलोचना के सिवा कुछ नहीं बचा है। शिवसेना नेता ने कहा कि भाजपा को भारतीय भू-भाग में चीन के घुसपैठ के बारे में बोलना चाहिए और खुद को सिर्फ पाकिस्तान पर बोलने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। राउत ने यह भी कहा कि वह चंद्रकांत पाटिल जैसे महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना इस तरह के शिविर आंख और कान की जांच करने के लिए लगा सकती है, क्योंकि वे झूठे दावे कर रहे हैं। हम निश्चित रूप से उन्हें ठीक कर देंगे।
चीन पर सरकार की निष्क्रियता से पड़ोसी देशों को खतरा : राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि पहले तो उसने अपनी जमीन चीन को सौंप दी और अब इसे वापस न लेकर निकट पड़ोसी देशों को खतरे में डाल रही है। एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि आप अपने लिए खड़े नहीं हो सकते तो दोस्तों के लिए कैसे खड़े होंगे। राहुल गांधी ने एक खबर का जिक्र किया, जिसमें दावा किया गया है कि चीन भूटान में गैरकानूनी गांव बसा रहा है, जो भारत की सुरक्षा के लिए नया खतरा है।
पूर्व गृह मंत्री की जमानत पर फैसला 18 को
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें शुक्रवार को मुंबई में विशेष पीएमएलए कोर्ट में संपन्न हुईं। विशेष अदालत 18 जनवरी 2022 को अपना फैसला सुनाएगी।