उत्तर प्रदेश में हुए पेपर लीक के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पुलिस भर्ती परीक्षा समेत आरओ, एआरओ समेत हाल में हुए कई परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली को लेकर अभ्यर्थियों में जबरदस्त नाराजगी है। उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले के बाद कांग्रेस पार्टी नेताओं की ओर से आए बयान के बाद मामला सियासी गलियारों में भी तूल पकड़ने लगा। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने पेपर लीक मामले में जहां सीबीआई जांच की मांग कर डाली। वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही निशाने पर ले लिया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनारस दौरे पर आने और प्रयागराज में सड़कों पर उतरे युवाओ को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनारस में युवाओं के नाम पर युवाओं को ही बरगला रहे हैं।
जबकि, प्रियंका गांधी ने पेपर लीक की घटनाओं पर सीबीआई जांच की मांग और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों का समर्थन किया है। सियासी जानकार भी मानते हैं कि लोकसभा चुनावों के नजरिए से इस वक्त आंदोलित अभ्यार्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत सभी सियासी दलों को इसमें राजनीतिक फायदा मिल सकता है। यही वजह है कि इस मामले में कांग्रेस में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को अपना साथ दिया है। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए बस और ट्रेन को फ्री कराए जाने की मांग के साथ-साथ सभी परीक्षाओं के फॉर्म निशुल्क किए जाने की आवाज उठाई है।
जिस तरीके से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से परीक्षा देने पहुंचे लाखों अभ्यर्थियों ने पेपर लीक पर आंदोलन शुरू किया है उसी के साथ कांग्रेस ने भी आने वाले दिनों के लिए बड़ी रणनीति बनानी शुरू की है। कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि अगर सब कुछ योजना मुताबिक रहा तो आने वाले कुछ दिनों में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी में से कोई एक नेता या दोनों परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों से मुलाकात कर सकते हैं। सियासी जानकार मानते हैं कि ऐसा संभव भी है। क्योंकि आने वाले लोकसभा के चुनाव में एक बड़े सियासी माइलेज के साथ इस पर कांग्रेस आगे की योजना बना सकती है।
उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी और लखनऊ में आंदोलन कर रहे सुनील यादव कहते हैं कि जिस तरीके से लगातार परीक्षाओं में धांधलियां हो रही हैं उसकी तो जांच होनी ही चाहिए। वह कहते हैं अगर कोई राजनीतिक पार्टी उनका समर्थन करती है और ईमानदारी से उनकी आवाज को न्याय दिलाने तक साथ देती है, तो उनके साथ जरूर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे। वही चुनावी माहौल में सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी भी इस पूरे मामले में छात्रों की अगुवाई और उनकी मदद के लिए सामने आई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी उनके साथ है। अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी न नौकरी देना चाहती है और ना ही आरक्षण देना चाहती है। प्रयागराज में लोक सेवा आयोग और लखनऊ में आंदोलन कर रहे छात्रों को लेकर अपनी पार्टी की ओर से मजबूती के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है।