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अमर उजाला विश्लेषण: गर्म है प्रशांत किशोर का बाजार, सियासी दलों को रास आ रहे लैपटॉप वाले 'मैनेजर'

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 27 Apr 2022 03:53 PM IST

सार

राजनीतिक विशेषज्ञ डॉ. राघव शरण शर्मा कहते हैं कि भारत में लोकतंत्र तब खड़ा हुआ था, जब देश अंग्रेजों से लड़ रहा था। कई बदलाव देखे गए। अनेक क्रांतिकारियों को विचार से बाहर से कर दिया गया। विचार में कौन आ गए, एओ हृयूम जैसे लोग आ गए। वायसराय का दखल होने लगा। आज असल लोकतंत्र है ही कहां?
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प्रशांत किशोर - फोटो : PTI (File Photo)
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