पाकिस्तान मूल के कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर राणा के खिलाफ सोमवार को एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। मुंबई पुलिस ने 2008 के 26/11 आंतकी हमलों में तहव्वुर राणा के संलिप्त होने का आरोप लगाया है।
मुम्बई पुलिस की अपराध शाखा द्वारा अदालत में 400 पन्नों से अधिक का एक आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। फिलहाल तहव्वुर राणा अमेरिका की जेल में बंद है। सरकारी वकील ने कहा, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दस्तावेज मंगलवार को विशेष अदालत के समक्ष आने की संभावना है।
एक अमेरिकी अदालत ने मुकदमे के लिए मई में 62 वर्षीय तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उन्होंने मामले में राणा के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 39 ए (एक आतंकवादी संगठन को समर्थन देने से संबंधित अपराध) को जोड़ा है।
अधिकारी ने कहा, 'हमें राणा के खिलाफ बयानों और दस्तावेजों के रूप में कुछ नए सबूत मिले हैं।' उन्होंने कहा कि मामले में यह चौथा आरोप पत्र है। देश के लिए एक बड़ी जीत में एक अमेरिकी अदालत ने इस साल मई में राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। हालांकि, अगस्त में 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के लिए भारत में मुकदमे का सामना करने के लिए आरोपी के प्रत्यर्पण पर रोक लगाने का आदेश दिया गया था।
राणा पर मुंबई हमलों में उसकी भूमिका के लिए कई आरोप हैं। उसे पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा माना जाता है, जो 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था।
पाकिस्तान से 10 आतंकवादी 26 नवंबर, 2008 को समुद्री मार्ग से मुम्बई पहुंचे थे और उन्होंने वित्तीय राजधानी में 60 घंटे से अधिक समय तक घेराबंदी की थी, जिसमें कुल 166 लोग मारे गए थे। इस दौरान उन्होंने शहर के ऐतिहासिक स्थलों, एक अस्पताल और एक यहूदी केंद्र को निशाना बनाया था।
इन 10 आतंकवादियों में अजमल कसाब भी शामिल था, जिसे जिंदा पकड़ लिया गया था। बाद में उस पर मुकदमा चलाया गया था। एक विशेष अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी। अदालत द्वारा मामले में दोषी ठहराए जाने के दो साल बाद उसे नवंबर 2012 में पुणे के यरवदा केंद्रीय कारागार में फांसी दे दी गई थी।