पीएम मोदी की सुरक्षा में भारी चूक
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पूर्व आईपीएस अधिकारियों के एक समूह ने गुरुवार को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा उल्लंघन के मामले में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। इन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ मिलकर राज्य सरकार द्वारा जानबूझकर और योजनाबद्ध सुरक्षा चूक का आरोप लगाया।
27 पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने लिखा पत्र
राष्ट्रपति कोविंद को लिखे एक पत्र में 27 पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों ने कहा कि यह साजिश और मिलीभगत के माध्यम से किए गए इस देश के इतिहास में सबसे गंभीर सुरक्षा चूकों में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्ग को अवरुद्ध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने न केवल सुरक्षा की एक बड़ी चूक की, बल्कि तथाकथित प्रदर्शनकारियों के साथ राज्य मशीनरी की मिलीभगत का एक शर्मनाक खुला प्रदर्शन किया।
पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीसी डोगरा और महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी प्रवीण दीक्षित ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने कहा कि घटना की गंभीरता और इसके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नतीजों ने उन्हें उचित कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति कोविंद से संपर्क करने के लिए मजबूर किया।
यह पंजाब में खराब कानून-व्यवस्था को दर्शाता है
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले को एक फ्लाईओवर पर योजनाबद्ध तरीके से 15 से 20 मिनट तक रोकना पंजाब में खराब कानून-व्यवस्था को दर्शाता है और हमारे देश में लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा और राज्य के भीतर सुरक्षा और स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार सभी मार्गों पर एक सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था।
पूर्व आईपीएस ने कहा कि हम आपसे इसलिए संपर्क कर रहे हैं कि ऐसा कभी नहीं हुआ कि राज्य की एजेंसियां कोई न कोई बहाना बना रही हैं और यहां तक कि मुख्यमंत्री के स्तर पर भी प्रधानमंत्री के रूट को लेकर विरोधाभासी बयान आ रहे हैं।