मामला परली तालुका के धर्मापुरी गांव में पथराव की एक घटना से जुड़ा है। इस घटना के कारण महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख और इसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा 143, धारा 427 और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
महाराष्ट्र के बीड जिले में परली स्थित एक स्थानीय अदालत ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। वारंट 2008 में ठाकरे पर दर्ज मामले में जारी किया गया है। इसकी वजह बताई गई है कि वह अब तक मामले में अदालत के सामने उपस्थित नहीं हो रहे थे।
विज्ञापन
मामला परली तालुका के धर्मापुरी गांव में पथराव की एक घटना से जुड़ा है। इस घटना के कारण महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख और इसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा 143 (गैरकानूनी सभी), धारा 427 (नुकसान पहुंचाना) और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
दरअसल, 22 अक्तूबर 2008 को ठाकरे को गिरफ्तार किया गया था। इसके खिलाफ मनसे कार्यकर्ताओं ने धर्मापुरी गांव में एमएसआरटीसी की बसों पर पथराव करके उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था। परली थाने ने इस मामले की जांच के बाद राज ठाकरे और उनके समर्थकों के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज कराया।
विज्ञापन
हालांकि, मामले में तब मनसे प्रमुख और उनके समर्थकों को जमानत मिल गई थी, लेकिन इस मामले में वह लगातार परली स्थित अदालत में पेश होने में नाकाम रहे। अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट एमएम मोरे-पावडे ने राज ठाकरे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया।