प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया मान रही है कि ये सदी भारत की होने वाली है। इसकी बहुत बड़ी वजह हमारी युवा आबादी है। जब दुनिया के अनेक देशों में बुजुर्ग आबादी बढ़ रही है, तब भारत दिनों-दिन युवा हो रहा है। भारत के पास ये बहुत बड़ी बढ़त है। पूरी दुनिया स्किल्ड युवाओं के लिए भारत की तरफ देख रही है। हाल ही में जी-20 शिखर सम्मेलन में ग्लोबल स्किल मैपिंग को लेकर भारत के प्रस्ताव को स्वीकार किया गया है।
कौशल दीक्षांत समारोह के मौके पर वीडियो संदेश में मोदी ने कहा, हर देश के पास अलग-अलग तरह का सामर्थ्य होता है, जैसे प्राकृतिक संसाधन, खनिज संसाधन या लंबे समुद्र तट। इस सामर्थ्य को उपयोग में लाने के लिए जिस महत्वपूर्ण शक्ति की जरूरत होती है, वो है युवा शक्ति। युवाशक्ति जितनी सशक्त होती है, उतना ही देश का विकास होता है और देश के संसाधनों के साथ न्याय होता है। मोदी ने कहा, आज भारत इसी सोच के साथ अपनी युवाशक्ति को सशक्त कर रहा है। पूरे इकोसिस्टम में अभूतपूर्व सुधार कर रहा है। मोदी ने कहा, ग्लोबल स्किल मैपिंग से आप जैसे युवाओं के लिए आने वाले समय में और बेहतर अवसर बनेंगे। देश और दुनिया में बन रहे किसी भी मौके को हमें गंवाना नहीं है। भारत सरकार आपकी हर जरूरत में आपके साथ है।
मोदी ने कहा, हमारे यहां पहले की सरकारों में कौशल पर उतना ध्यान नहीं दिया गया था। हमारी सरकार ने स्किल का महत्व समझा और इसके लिए अलग से मंत्रालय बनाया, अलग से बजट दिया। भारत, आज अपने युवाओं के कौशल पर जितना निवेश कर रहा है,उतना पहले कभी नहीं किया गया। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ने जमीनी स्तर पर युवा साथियों को बहुत शक्ति दी है। इस योजना के तहत अभी तक करीब डेढ़ करोड़ युवाओं की ट्रेनिंग हो चुकी है।
नौकरी के परंपरागत क्षेत्रों को किया जा रहा मजबूत
भारत में बेरोजगारी दर 6 साल में सबसे निचले स्तर पर
मोदी ने कहा, हाल ही में हुए एक सर्वे में सामने आया है कि भारत में रोजगार निर्माण एक नई ऊंचाई पर पहुंचा है। भारत में बेरोजगारी दर अपने 6 साल के सबसे निचले स्तर पर है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों, दोनों में ही बेरोजगारी तेजी से कम हो रही है। इससे साफ है कि विकास का लाभ गांव और शहर, दोनों ही जगहों पर बराबर पहुंच रहा है व दोनों ही जगहों पर नए अवसर भी समान रूप से बढ़ रहे हैं। सर्वे में यह भी सामने आया है कि भारत के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। नारी सशक्तिकरण को लेकर भारत में बीते वर्षों में जो योजनाएं बनीं हैं, जो अभियान चलाए गए हैं, ये उनका प्रभाव है।
अब स्कूली बच्चे भी सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों की करेंगे पढ़ाई : प्रधान
जबकि कौशल प्रशिक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं को दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की गई जिससे 30 लाख को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि एनसीवीटी, यूजीसी, एआईसीटीई, दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य द्वारा देश के युवाओं को कुशल बनाने के उद्देश्य से और अधिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।कार्यक्रम में नेशनल इंस्ट्रक्शनल मीडिया इंस्टीट्यूट की भाषा की किताबें 12 क्षेत्रीय भाषाओं में लांच की गई।
30 करोड़ के पास औपचारिक प्रशिक्षण का अभाव : चंद्रशेखर
केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि 2014 में देश में 40 करोड़ कार्यबल था। इसमें से 30 करोड़ के पास औपचारिक प्रशिक्षण का अभाव था। इसी के कारण प्रधानमंत्री ने कौशल भारत की शुरुआत की। आज नतीजे सबके सामने हैं। स्किल इंडिया के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का सर्टिफिकेट उनके काम में नई ऊंचाइयां देने वाला है। भारत ही नहीं, विदेशों में भी उनके काम को मंजूरी मिली है।