जन औषधि योजना सेवा व रोजगार का माध्यम बनी
पीएम ने कहा, किफायती दवाएं उपलब्ध कराने की जन औषधि योजना का विस्तार पूरे देश में हो रहा है। आज 7500वें केंद्र का उद्घाटन किया गया, जो शिलांग में हुआ। इससे यह पता चलता है कि पूर्वोत्तर में भी जन स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार कितनी तेजी से हो रहा है।
पीएम ने कहा, देश में जन औषधि केंद्र चलाने वालों और इसके लाभार्थियों से बात करके यह स्पष्ट हो गया है कि यह योजना हर गरीब और मध्यवर्गीय परिवार का बड़ा साथी बन रही है। योजना सेवा और रोजगार दोनों का माध्यम बन रही है।
जन औषधि योजना का तेजी से प्रसार के लिए केंद्रों की प्रोत्साहन राशि ढाई लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई है। दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और पूर्वोत्तर के लोगों को 2 लाख रुपये का प्रोत्साहन अलग से दिया जा रहा है।
कोरोना का सबसे सस्ता टीका भारत में लगाया जा रहा
पीएम ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए का, आज देश दुनिया की फार्मेसी बन चुका है। सरकारी अस्पतालों में कोरोना का मुफ्त टीका लगाया जा रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में दुनिया का सबसे सस्ता टीका मात्र 250 रुपये में लगाया जा रहा है। देश को आज अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है क्योंकि हमारे पास मेड इन इंडिया वैक्सीन अपने इस्तेमाल के साथ दुनिया की मदद करने के लिए भी उपलब्ध है।
एमबीबीएस की सीटों में 30 हजार से ज्यादा की बढ़ोतरी
पीएम ने कहा, बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। कोरोना जैसी महामारी हमें परेशान न करें इसके लिए देश के स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है। हर तीन लोकसभा के बीच एक मेडिकल कॉलेज बनाने पर काम चल रहा है।
बीते 6 सालों में करीब 180 नए मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं। 2014 से पहले जहां देश में एमबीबीएस की 55 हजार सीटें थीं, बीते छह सालों में इनमें 30 हजार से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इसी तरह पीजी की 30 हजार सीटों में 24 हजार नई सीटें जोड़ी जा चुकी हैं।