पीएमओ के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 की ब्राजील की अध्यक्षता की सफलता के लिए भारत के पूर्ण समर्थन की बात कही। उन्होंने नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी बैठक के बाद सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और विस्तारित करने के तरीकों पर भी चर्चा की।
ब्राजील के राष्ट्रपति के साथ टेलीफोन पर बातचीत के बाद मोदी ने एक्स पर कहा, 'राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ फोन पर अच्छी बातचीत हुई। हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' उन्होंने कहा, 'हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी चिंताओं को साझा किया। हम भारत की जी-20 अध्यक्षता की सफलताओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे क्योंकि ब्राजील अगले महीने सत्ता में आएगा।'
इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति सैयद इब्राहिम रईसी ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में 'कठिन स्थिति' पर विचारों का आदान-प्रदान किया था, जिसमें पीएम ने 'आतंकवादी घटनाओं, हिंसा और नागरिकों के जीवन के नुकसान' पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। रईसी के साथ मोदी की बातचीत इस्राइल-हमास संघर्ष में हिंसा में वृद्धि के मद्देनजर क्षेत्र के शीर्ष नेताओं के साथ चल रही उनकी बातचीत का हिस्सा थी।
पिछले सप्ताह मोदी ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष ऋषि सुनक और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से अलग-अलग बात की थी जिसमें आतंकवाद और नागरिकों की मौत पर चिंता जताई गई थी।
पीएम मोदी ने संघर्ष शुरू होने के बाद से इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी से भी बात की है।
इस्राइल-हमास संघर्ष सात अक्तूबर को शुरू हुआ जब हमास के आतंकवादियों ने गाजा से इस्राइल में घुसकर 1,400 से अधिक लोगों की हत्या कर दी और लगभग 240 अन्य को बंधक बना लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस्राइल ने तेज हवाई हमलों के अभियान के साथ जवाब दिया, जिसके बाद जमीनी हमला हुआ।