शांतिप्रिय, लोकतांत्रिक और खुशहाल अफगानिस्तान चाहता है भारत
भारत ने अफगानिस्तान के ताजा हालात के मद्देनज़र आतंकवाद को ही अपनी मुख्य चिंता में शामिल किया है। नई दिल्ली लगातार जोर दे रहा है कि वह शांतिप्रिय, स्थायी, लोकतांत्रिक, खुशहाल अफगानिस्तान चाहता है। जहां अमन, शांति, विकास और अफगानिस्तान के निर्माण का पूरा स्कोप हो। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने भी भारत की इस मंशा के बारे में बताया। दुनिया के देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत की मांग है कि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद, अलगाववाद, हिंसा फैलाने के लिए नहीं होना चाहिए। इस तरह की स्थिति वैश्विक समाज के हित में नहीं है। इसलिए विश्व में फैल रही कट्टरता को कम करने के उपाय किए जाने चाहिए।
उप राष्ट्रपति कमला हैरिस से भेंट भी अहम होगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका में होने वाले कार्यक्रमों के दो पक्ष काफी महत्वपूर्ण हैं। पहला तो यह कि वह राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी हितों को साधेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडन से उनकी पहली सीधी मुलाकात है। पेंटागन के रणनीतिकार भी चाहते हैं कि अमेरिका को भारत के साथ रिश्तों की अहमियत को कम नहीं करना चाहिए। अफगानिस्तान के मामले में भी पाकिस्तान और चीन की रणनीति को जवाब देने के लिए भारत का सहयोग लिया जाना चाहिए। दूसरी बात, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात भी बेहद अहम है। समझा जा रहा है कि इसके लिए अमेरिका में भारत के राजदूत, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने काफी मशक्कत भी की है। इन दोनों समीकरणों पर मिली कामयाबी आगे भी काफी अहम होगी।