PM Modi: प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की मदद में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा, चाहे प्याज पर निर्यात शुल्क कम करना हो या खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाना, ऐसे कई फैसले हमारे खाद्य उत्पादकों के लिए बहुत लाभकारी साबित होंगे। इससे उनकी आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कृषि निर्यात नीतियों में हालिया बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बासमती चावल और प्याज के निर्यात नियमों में ढील और कुछ खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाने से किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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सरकार ने एक बयान में कहा कि उसने शुक्रवार को बासमती चावल पर 950 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) और प्याज पर 550 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य हटा दिया। शनिवार को सरकार ने कच्चे पाम तेल पर आयात शुल्क 20 फीसदी और परिष्कृत सूरजमुखी तेल पर 32.5 फीसदी कर दिया है। इसका मकसद घरेलू तेल बीच किसानों और प्रसंस्कर्ताओं का समर्थन करना है।
'किसानों की मदद में नहीं छोड़ रहे कोई कोर-कसर'
एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की मदद में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा, चाहे प्याज पर निर्यात शुल्क कम करना हो या खाद्य तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाना, ऐसे कई फैसले हमारे खाद्य उत्पादकों के लिए बहुत लाभकारी साबित होंगे। इससे उनकी आय बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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मोदी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध: चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्याज, बासमती चावल और खाद्य तेलों के संबंध में महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए धन्यवाद दिया। चौहान ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के कल्याण के प्रति संवेदनशील है और उनके विकास व प्रगति के प्रति प्रतिबद्ध है। प्याज पर निर्यात शुल्क को 40 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करने से प्याज किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा और निर्यात बढ़ेगा।
मंत्री ने कहा कि परिष्कृत तेल पर मूल शुक्ल को 32.5 फीसदी करने से सरसों, सूरजमुखी और मूंगफली की फसल की मांग बढ़ेगी और छोटे व ग्रामीण क्षेत्रों अधिक रिफाइनरी के निर्माण से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।