आज देश के दो वीर सपूतों लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्र शेखर आजाद की जयंती है। इन दोनों सपूतों में देश की आजादी में अहम योगदान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (गुरुवार 23 जुलाई) उनकी जयंती पर उन्हें याद किया। गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दोनों को याद करते हुए ट्वीट किए।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि 'महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जी का नाम बहादुरी, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का पर्याय है। उनके हृदय में देश व मातृभूमि के लिए इतना प्रेम था कि उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही अंग्रेजों के विरुद्ध लोहा लेना शुरू किया और फिर अपना सम्पूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया।'
इसके बाद शाह ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि 'चंद्रशेखर आजाद जी से अंग्रेजी हुकूमत थर-थर कांपती थी, उन्होंने कहा था कि "मैं आजाद था, आजाद हूं, आजाद रहूंगा" और वो सच में अपनी अंतिम सांसों तक आजाद रहे। उनके राष्ट्रप्रेम ने देश के लाखों युवाओं के हृदय में स्वाधीनता की लौ जलाई। ऐसे अमर बलिदानी के चरणों में कोटि-कोटि वंदन।'
गौरतलब है कि दोनों नेताओं को बहादुर और दृढ़ क्रांतिकारी के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया। उनकी वीरता के कार्य हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
बाल गंगाधर तिलक, जिन्हें लोकमान्य तिलक के नाम से जाना जाता था, उनका जन्म 23 जुलाई, 1856 को महाराष्ट्र के रत्नागिरि के चिखली गांव में हुआ था।। इस साल, हम 'स्वराज' नेता की 164 वीं जयंती मना रहे हैं। इतिहास के अनुसार, तिलक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के पहले नेता थे। उन्हें 'लोकमान्य' की उपाधि से भी सम्मानित किया गया, जिसका अर्थ है 'लोगों द्वारा उनके नेता के रूप में स्वीकार किया गया'। वहीं चंद्रशेखर आजाद का जन्म आज ही के दिन यानी 23 जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले का भाबरा में हुआ था।