चुनावी नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचे। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने न सिर्फ मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की जनता का धन्यवाद दिया, बल्कि तेलंगाना की जनता का भी विशेष आभार जताया।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं तेलंगाना की जनता और तेलंगाना भाजपा कार्यकर्ताओं का विशेष आभार व्यक्त करता हूं, हर चुनाव में तेलंगाना में भाजपा का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है, मैं तेलंगाना के कार्यकर्ता को विश्वास दिलाता हूं कि भाजपा आपकी सेवा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। इसके अलावा पीएम मोदी ने अपने संबोधन के बीच में तेलुगु भाषा का भी इस्तेमाल किया। आइए जानते हैं कि तीन राज्यों में जीत के बीच तेलंगाना के जिक्र के मायने...
2018 में विधानसभा में भाजपा को क्या मिला था?
राज्य में पिछला विधानसभा चुनाव 7 दिसंबर 2018 को हुआ था। पिछली बार के मत प्रतिशत के आंकड़े देखें तो, राज्य में कुल 73.37% लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इनमें से पुरुषों की मतदान में भागीदारी 72.90% और महिलाओं की 73.86% थी। पार्टीवार आंकड़े देखें तो 2018 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब बीआरएस) को 46.87% लोगों ने वोट दिए थे। मत प्रतिशत के मामले में कांग्रेस 28.43% के साथ कांग्रेस पार्टी दूसरे स्थान पर थी। वहीं भाजपा के लिए 6.98%, टीडीपी के लिए 3.51% और एआईएमआईएम के लिए 2.71% लोगों ने मतदान किया था। नतीजों से पहले की स्थिति की बात करें तो 119 सदस्यीय विधानसभा में बीआरएस के 101, एआईएमआईएम के सात, कांग्रेस के पांच, भाजपा के तीन और एआईएफबी और निर्दलीय का एक विधायक था।
पिछले लोकसभा चुनाव में कितनी सीटें जीतीं?
भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राज्य की कुल 17 में से चार सीटें जीती थीं। आदिलाबाद (एसटी) से सोयम बापू राव, करीमनगर से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, बंदी संजय कुमार, निजामाबाद से अरविंद धर्मपुरी और सिकंदराबाद से केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी चुनाव जीते थे। लोकसभा के बाद में दुब्बक और हुजुरबाद विधानसभा उपचुनाव में उसने सत्तारूढ़ दल को शिकस्त दी थी।
तीन राज्यों के जीत के बीच तेलंगाना के जिक्र के मायने
पिछले विधानसभा चुनाव में जब भाजपा ने महज तीन सीटों पर दर्ज की थीं तो उसे लोकसभा में चार सीटें मिली थीं। इसे ध्यान में रखते हुए अगर 2024 में होने वाले चुनावों को देखें तो भाजपा चाहेगी कि आठ विधानसभा सीटों के साथ वह पिछले प्रदर्शन से बेहतर करे और सांसदों की संख्या का बढ़ाए। पीएम मोदी के संबोधन में बार-बार तेलंगाना के जिक्र से कुछ ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं।