विधानसभा चुनाव में अपनी जीत से उत्साहित आक्रामक भाजपा सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस नीत विपक्ष को घेरेगी यह तय हो गया है। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश करने वाली रिपोर्ट लोकसभा में पेश किए जाने की भी संभावना है।
दूसरी ओर, भाजपा का मुकाबला करने के लिए संसद के भीतर व चुनावी मैदान में अपनी रणनीतियों को फिर से तैयार करने के लिए विपक्षी नेता सोमवार की सुबह बैठक करेंगे।
विधानसभा चुनाव परिणामों में कांग्रेस को झटका लगा है। मध्य प्रदेश में बड़ी जीत हासिल करने और छत्तीसगढ़ और राजस्थान को बरकरार रखने की उम्मीद कर रही कांग्रेस को करारी हार का स्वाद चखना पड़ा। हालांकि, देश की सबसे पुरानी पार्टी तेलंगाना से बीआरएस को बाहर करने में कामयाब रही।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के बारे में पूछे जाने पर यहां संवाददाताओं से कहा, ''अगर विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित करता है तो उसे आज (रविवार) से भी बुरे परिणाम भुगतने होंगे।"
सरकार ने शीतकालीन सत्र की 15 बैठकों के लिए मजबूत विधायी एजेंडा पेश किया है जिसमें औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों को बदलने से जुड़ा महत्वपूर्ण विधेयक और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक रूपरेखा प्रदान करने से जुड़ा एक मसौदा कानून शामिल है।
लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट भी सोमवार को सदन में पेश होनी है, जिसमें 'सवाल के बदले नोट' की शिकायत पर मोइत्रा को निचले सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की गई है। सरकार आचार समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के लिए लोकसभा में एक प्रस्ताव भी ला सकती है, जिसके बाद मोइत्रा को निचले सदन से निष्कासित करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में सदन में आचार समिति की रिपोर्ट पर बहस करवाने पर जोर दिया।
इस दौरान विपक्षी नेताओं ने मणिपुर की स्थिति, बढ़ती महंगाई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के 'दुरुपयोग', कानूनों के नामों के माध्यम से हिंदी को 'थोपने' जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा की भी मांग की। उनकी यह मांग विशेष रूप से आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए तीन विधेयकों के संदर्भ में है।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, "हम किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। लेकिन जब आप अल्पकालिक चर्चा चाहते हैं, तो आपको सदन में बहस के लिए अनुकूल माहौल भी सुनिश्चित करना होगा।"