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PM Modi: शिंजो आबे की पत्नी से मिले पीएम मोदी, कहा- भारत-जापान संबंधों में आबे विश्वास हमारी स्थायी शक्ति

Fri, 06 Sep 2024 11:11 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक्स पर प्रधानमंत्री ने लिखा कि शुक्रवार दोपहर श्रीमती आबे से मिलकर प्रसन्नता हुई। श्रीमती आबे के भारत के साथ निरंतर सहयोग की सराहना करता हूं। पीएम ने शिंजो आबे के साथ अपनी मित्रता को याद किया।
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जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी से मुलाकात करते पीएम नरेंद्र माेदी। - फोटो : एक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकेइ आबे से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत-जापान संबंधों की क्षमता में आबे का विश्वास हमारे लिए स्थायी शक्ति का स्रोत है। पीएम ने शिंजो आबे के साथ अपनी मित्रता को याद किया। प्रधानमंत्री ने अकेइ आबे के भारत के साथ चल रहे जुड़ाव की भी सराहना की। 
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एक्स पर प्रधानमंत्री ने लिखा कि शुक्रवार दोपहर श्रीमती आबे से मिलकर प्रसन्नता हुई। श्रीमती आबे के भारत के साथ निरंतर सहयोग की सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत-जापान संबंधों में आबे का विश्वास हमारे लिए स्थायी शक्ति का स्रोत है। इससे पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की पत्नी से मुलाकात की। जयशंकर ने भारत और जापान की दोस्ती में शिंजो आबे के योगदान को याद किया। जयशंकर ने कहा कि भारत-जापान के रणनीतिक संबंधों के लिए शिंजो आबे हमेशा एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह रहेंगे। 

चुनावी रैली के दौरान शिंजो आबे पर हुआ था हमला
शिंजो आबे पर जापान के नारा शहर में 8 जुलाई 2022 को उस वक्त जानलेवा हमला हुआ था, जब आबे एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। आबे को गोली मारी गई थी। हमले के बाद आबे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां आबे की मौत हो गई थी। शिंजो आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता थे। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता शिंजो आबे साल 2006-2007 तक जापान के पीएम रहे। इसके बाद वह 2012 में फिर से जापान के प्रधानमंत्री बने और 2020 तक इस पद पर रहे। शिंजो आबे ने स्वास्थ्य कारणों से पीएम पद छोड़ दिया था। 27 सितंबर 2022 को शिंजो आबे के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हुए थे।  
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भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने में शिंजो आबे की अहम भूमिका रही
गौरतलब है कि शिंजो आबे के नौ साल के कार्यकाल के दौरान भारत और जापान के संबंध बेहद मजबूत हुए। इस दौरान दोनों देशों में रक्षा सहयोग बढ़ा, साथ ही भारत में जापान का रणनीतिक निवेश भी बढ़ा और दोनों देशों के व्यापार में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। चीन की आक्रामकता का जवाब देने के लिए भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की सदस्यता वाले समूह क्वाड का विचार भी शिंजो आबे का ही था। जापान को सैन्य तौर पर मजबूत करने के लिए भी शिंजो आबे को याद किया जाता है। आबे ने ही जापान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की स्थापना की और रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को गति दी। 
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