प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र में 86 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 7,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू करने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने निलवंडे बांध का जल पूजन कर उद्घाटन किया। इसके साथ ही, उन्होंने बांध के नहर नेटवर्क राष्ट्र को समर्पित किया। निलवंडे बांध के जरिए सात तहसीलों (अहमदनगर जिले में छह और नासिक जिले से एक) के 182 गांवों को लाभ मिलेगा।
पीएम मोदी ने शिरडी की जनसभा में कहा, साईं बाबा के आशीर्वाद से साढ़े 7 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। महाराष्ट्र को 5 दशक से जिस निलवंडे डैम का इंतजार था, वो काम भी पूरा हुआ है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे अभी वहां जल पूजन का अवसर मिला। उन्होंने कहा, आज मंदिर से जुड़ी जिन योजनाओं का लोकार्पण हुआ है, उनका शिलान्यास करने का अवसर भी मुझे ही मिला था। दर्शन कतार परिसर के पूरा होने से देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बहुत आसानी होगी।
अर्थव्यवस्था के साथ गरीब कल्याण का बजट भी बढ़ा
प्रधानमंत्री ने भाजपा के कार्यकाल में की गई पहल और योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, देश को गरीबी से मुक्ति मिले, गरीब से गरीब परिवार को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यही सच्चा सामाजिक न्याय है। हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलती है। हमारी डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गरीब कल्याण है। उन्होंने कहा, आज जब देश की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, तो गरीब कल्याण के लिए सरकार का बजट भी बढ़ रहा है।
गरीबों के मुफ्त इलाज पर 70 हजार करोड़ खर्च हुए
महाराष्ट्र में गरीबों के इलाज के लिए मिल रही सुविधा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज महाराष्ट्र में 1.10 करोड़ आयुष्मान कार्ड दिए जा रहे हैं। ऐसे सभी कार्ड धारकों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी है। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को मुफ्त इलाज देने के लिए देश ने 70 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
मुफ्त राशन और आवास पर 8 लाख करोड़ से अधिक खर्च
देश की जनता को पर्याप्त खाद्यान्न मिले इसके लिए चलाई जा रही योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, गरीबों को मुफ्त राशन की योजना पर भी देश 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुका है। उन्होंने आवास योजना के लाभार्थियों को मिल रहे लाभ का जिक्र करते हुए कहा, गरीबों के घर बनाने के लिए भी सरकार ने 4 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ये भी 2014 से पहले के 10 वर्षों की तुलना में करीब 6 गुना अधिक है।
नल से पानी पहुंचाने की मुहिम, अब तक दो लाख करोड़ का खर्च
प्रधानमंत्री के अनुसार, सरकार, हर घर जल पहुंचाने के लिए भी अब तक करीब 2 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि योजना के जरिए रेहड़ी, ठेले और फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले साथियों को हजारों रुपयों की मदद मिल रही है। हाल ही में अपने जन्मदिन के दिन शुरू की गई योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अभी सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की है।
हाथ के कारीगरों को सरकारी मदद
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से सुथार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार जैसे लाखों परिवारों को पहली बार सरकार से मदद सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि इस योजना पर 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं।
देशभर के करोड़ों छोटे किसानों को लाभ
भाजपा सरकार के किसान हितैषी होने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पहले किसानों की सुध कोई नहीं लेता था। हमने पीएम किसान सम्मान निधि शुरू की, जिसकी मदद से देश भर के करोड़ों छोटे किसानों को 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के छोटे किसानों के बैंक खातों में भी सीधे 26 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए हैं।
सात साल में MSP के 13 लाख करोड़ रुपये, शरद पवार पर निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा, हम सच्ची नीयत से किसान के सशक्तिकरण में जुटे हैं, लेकिन कुछ लोगों ने महाराष्ट्र में किसानों के नाम पर सिर्फ राजनीति की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता शरद पवार का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा, महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ नेता काफी समय तक केंद्र सरकार में कृषि मंत्री रहे हैं, लेकिन उन्होंने 7 साल के अपने कार्यकाल में देश भर के किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल् (MSP) पर सिर्फ साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये का अनाज खरीदा। जबकि हमारी सरकार 7 वर्षों में MSP के रूप में साढ़े 13 लाख करोड़ रुपये किसानों को दे चुकी है।
किसानों के बैंक खातों में जाते हैं पैसे
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले किसानों से दलहन और तिलहन की केवल 500-600 करोड़ रुपये की खरीद MSP पर होती थी। जबकि हमारी सरकार 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा दलहन और तिलहन किसानों के बैंक खातों में दे चुकी है।
जनसभा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं
भाजपा की महाराष्ट्र इकाई की तरफ से आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी भाग लेने पहुंची हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम आगामी चुनाव के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी साई बाबा की शरण में
बांध के उद्घाटन से पहले, पीएम मोदी शिरडी पहुंचे। उन्होंने पूजा-अर्चना की और फिर मंदिर में दर्शन कतार परिसर का उद्घाटन किया था। मंदिर में पीएम मोदी के साथ महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस भी थे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, 37वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने के लिए पीएम मोदी गोवा दौरे पर भी जाएंगे।
7500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात
अहमदनगर जिले में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी को साफा पहनाया गया। प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेताओं ने पीएम मोदी के स्वागत में स्मारिका और शॉल का उपहार भी सौंपा। लगभग 7500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देने पहुंचे। पीएम मोदी जब अहमदनगर के शिरडी पहुंचे तो उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी मौजूद रहे।
छत्रपति शिवाजी को श्रद्धांजलि
शिरडी में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी के अलावा महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं ने भी मराठा गौरव से जुड़े महापुरुष छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पीएम मोदी शिरडी में कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, तो कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाना है।
क्या है निलवंडे बांध का इतिहास?
1970 में अहमदनगर जिले के करीब 182 गांव के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बांध बनाने की परियोजना सोची गई थी, लेकिन 23 सालों तक ये परियोजना कागज पर ही सीमित रही। क्योंकि इलाके के कई गांव वाले बांध बनाने का विरोध करते रहे। नतीजन, बांध बनाने की परियोजना शुरू नहीं हो पाई। इसके बाद आपसी समझौते के बाद ये तय किया गया कि अहमदनगर जिले के अकोले तहसील के अंतर्गत आने वाले निलवंडे गांव में बांध बनाया जाएगा।
अहमदनगर के साथ नासिक में भी समस्या का अंत
साल 1993 में बांध बनाने का काम शुरू हुआ था। साल 2011 में बनकर तैयार हुआ, लेकिन काम अभी पूरा नही हुआ था, क्योंकि बांध से खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए नहर की जरूरत थी। नहर को बनाने की शुरुआत 2011 में की गई। नहर को बनाने में अगले 12 साल का समय लग गया। नहर का काम पूरा होने से अहमदनगर के साथ नासिक जिले के सिन्नर इलाके में पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा।