कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश में महामारी व टीकाकरण को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। इसमें राज्यों से ताजा हालात की जानकारी लेकर एहतियाती कदमों से अवगत कराया गया। पीएम ने राज्यों से कहा कि वे दवाओं का बफर स्टॉक रखें।
पीएम मोदी ने बैठक में अगले कुछ महीनों के लिए वैक्सीन के उत्पादन और आपूर्ति की समीक्षा की। पीएम मोदी ने कोरोना के नए म्यूटेंट की निगरानी के लिए निरंतर जीनोम अनुक्रमण की आवश्यकता के बारे में बात की। बता दें, पिछले महीने, केंद्र सरकार द्वारा गठित एक पैनल ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि कोरोना की तीसरी लहर अक्तूबर के आसपास चरम पर हो सकती है। राज्यों को कोविड की दवाओं के अलावा म्यूकोरमाइकोसिस, एमआईएस सी की दवाओं का भी जिला स्तर पर पर्याप्त भंडारण करने का निर्देश दिया गया है।
बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यह कहा
प्रधानमंत्री ने 'कोविड इमरजेंसी रिस्पांस पैकेज-2' के तहत बच्चों की चिकित्सा देखभाल और सुविधाओं के विस्तार और उनके लिए बेड बढ़ाने की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्यों से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति को संभालने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ब्लॉक स्तर के केंद्रों में स्वास्थ्य ढांचे को नया स्वरूप दें।
दूसरी लहर अभी भी जारी, 35 जिलों में संक्रमण दर 10 फीसदी से ज्यादा
इस बैठक के एक दिन पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा था कि भारत अभी भी कोविड-19 की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। यह अभी खत्म नहीं हुई है। देश के 35 जिलों में अभी भी साप्ताहिक कोविड सकारात्मकता दर 10 प्रतिशत से अधिक है, जबकि 30 जिलों में यह पांच से 10 प्रतिशत के बीच है।
आधी आबादी से ज्यादा का लगा कोरोना वैक्सीन
देश की आधी से अधिक वयस्क आबादी को अब तक कोरोना रोधी वैक्सीन की कम से कम एक खुराक मिली है, जबकि 18 प्रतिशत को दोनों शॉट मिले हैं। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा था कि देश में अब तक 72 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए जा चुके हैं।