मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक सबकी योजना सबका विकास अभियान के तहत यह कार्यक्रम होगा। इसका उद्देश्य देश की सभी पंचायतों में भागीदारी योजना को बढ़ावा देना और पंचायत विकास योजनाओं (पीडीपी) को समय पर तैयार करना है।
दो अक्तूबर को ग्राम पंचायतों के विकास के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएगीं। पंचायती राज मंत्रालय के मुताबिक इसके लिए विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन सभाओं में देशभर में 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें शामिल होंगी।
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मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक सबकी योजना सबका विकास अभियान के तहत यह कार्यक्रम होगा। इसका उद्देश्य देश की सभी पंचायतों में भागीदारी योजना को बढ़ावा देना और पंचायत विकास योजनाओं (पीडीपी) को समय पर तैयार करना है। इन सभाओं में 20,000 कॉलेज छात्र शामिल होंगे जो विभिन्न ग्राम पंचायतों में योजनाओं की देखरेख और तैयारी में सहायता करेंगे।
अधिकारियों और सलाहकारों को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में चयनित ग्राम पंचायतों में नियुक्त किया जा रहा है। जो इन सभाओं की निगरानी करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक दो अक्तूबर के कार्यक्रम से पहले 30 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों, राज्य के विभागों, प्रशिक्षण संस्थानों के सदस्य और पंचायतों के विभिन्न स्तरों से निर्वाचित प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह करेंगे।
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अफसरों ने बताया कि आईआईटी दिल्ली सबकी योजना सबका विकास अभियान में 20,000 से अधिक छात्रों को शामिल करेगा। छात्र दो अक्तूबर को ग्राम सभा में भाग लेंगे और विभिन्न ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास योजना की देखरेख और तैयारी में भी सहायता करेंगे। इसका उद्देश्य युवा दिमागों को जमीनी स्तर की योजना में शामिल करना है। प्रोजेक्ट फॉर क्रिएटिंग मॉडल ग्राम पंचायत क्लस्टर्स के तहत काम करने वाले युवा फेलो के साथ-साथ पीरामल फाउंडेशन, एस्पिरेशनल भारत कोलैबोरेटिव एंड ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन के फेलो भी ग्राम सभा को सुविधा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरपंचों (ग्राम प्रधान) को विकास लक्ष्यों (एलएसडीजी) और उनके विषयों के स्थानीयकरण पर पूर्व-योजना और पंचायत विकास सूचकांक (पीडीआई) के लिए ग्राम सभा सदस्यों को जागरूक करने और उचित हस्तक्षेप की पहचान करने में सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा 750 ग्राम पंचायतों में विशेष सभा का आयोजन किया जाएगा। जहां 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव साझा करेंगे। इस दौरान एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत में 75 पौधे लगाए जाएंगे।