फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: 'आपकी नीयत की परीक्षा लेनी होगी', नेताजी की मौत को लेकर याचिका पर कोर्ट की याचिकाकर्ता को फटकार

Mon, 01 Apr 2024 06:16 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Supreme Court: शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका में याचिकाकर्ता ने (राष्ट्रपिता) महात्मा गांधी को भी नहीं बख्शा है। याचिकाकर्ता की नीयत की जांच करने की जरूरत है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सर्वोच्च न्यायालय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के संबंध में जनहित याचिका दायर (पीआईएल) करने वाले याचिकाकर्ता को सोमवार को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका में उन नेताओं के खिलाफ लापरवाह और गैरजिम्मेदाराना तरीके से आरोप लगाए गए हैं, जो अब जीवित नहीं हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

अदालत ने कहा कि याचिका में याचिकाकर्ता ने (राष्ट्रपिता) महात्मा गांधी को भी नहीं बख्शा है। याचिकाकर्ता की नीयत की जांच करने की जरूरत है। याचिका पिनाक पाणि मोहंती की ओर से दायर की गई थी थी।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ द्वारा पूछे जाने पर मोहंती ने बताया कि वह कटक में विश्व मानवाधिकार संरक्षण संगठन (भारत) के जिला सचिव हैं। उन्होंने जनहित और लोगों के मानवाधिकारों के लिए काम किया है। 

पीठ ने पूछा, आपके पीछे कौन है? आपने जनहित के लिए क्या किया है? आपने लोगों के मानवाधिकारों के लिए क्या किया? हमें आपकी नेकनीयती की परीक्षा लेनी होगी।
विज्ञापन

शीर्ष अदालत ने मोहंती ने कहा कि वह हलफनामा दाखिल कर बताएं कि उन्होंने अब तक समाज के लिए क्या-क्या काम किए हैं, खासकर मानवाधिकार के क्षेत्र में। अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए चार सप्ताह बाद तक के लिए स्थगित कर दिया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें