| |
पेट्रोल |
डीजल |
| बेस कीमत |
47.28 |
49.36 |
| फ्रेट लागत |
0.30 |
0.28 |
| उत्पाद शुल्क |
27.90 |
21.80 |
| डीलर कमीशन |
3.90 |
2.61 |
| वैट |
25.31 |
14.37 |
| दिल्ली में कीमत |
105.04 |
88.42 |
(आंकड़े : रुपये प्रति लीटर के हिसाब से)
सरकार ने पहली छमाही में कमाए 1.71 लाख करोड़
सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों पर उत्पाद शुल्क के रूप में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 1.71 लाख करोड़ कमाए। यह आंकड़ा 2020-21 की समान छमाही के 1.28 लाख करोड़ से 33% ज्यादा है, जबकि महामारी पूर्व स्तर के मुकाबले 79% ज्यादा है। उस दौरान सरकार ने उत्पाद शुल्क के रूप में 95,930 करोड़ रुपये कमाए।
2.10 लाख करोड़ घटेगी कमाई
केंद्र की पेट्रोल पर पांच और डीजल पर 10 रुपये की कटौती से सरकारी खजाने पर करीब 2.10 लाख करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। पेट्रोल डीजल पर सीमा शुल्क में एक रुपये की कटौती से लगभग 14 हजार करोड़ रुपये सरकारी खजाने से जाते हैं।
सितंबर 28 से अब तक 27 बार हुई बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 8.85 रुपये और 24 सितंबर के बाद से अब तक 30 बार बढ़ोतरी से डीजल 10.15 रुपये महंगा हुआ है। इससे पहले 4 मई से 17 जुलाई के बीच पेट्रोल 11.44 रुपये और डीजल 9.14 रुपये महंगा हुआ था।
मार्च से मई 2020 में ही 13 से 16 रुपये बढ़ाया कर
सरकार ने मार्च 2020 से मई 2020 तक पेट्रोल पर 13 रुपये और डीजल पर 16 रुपये प्रति लीटर तक उत्पाद शुल्क बढ़ाया था। उत्पाद शुल्क में रिकॉर्ड बढ़ोतरी से पेट्रोल पर केंद्रीय कर सर्वाधिक 32.9 रुपये और डीजल पर 31.8 रुपये प्रति लीटर हो गया था। हालांकि, इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत कम हुई थी।
प्याज के दाम भी 12 रुपये तक घटाने की पहल
केंद्र सरकार ने प्याज के दाम घटाने के लिए भी पहल कर दी है। बुधवार को 1.11 लाख टन बफर स्टॉक जारी किया गया है। इससे प्याज का खुदरा मूल्य 5 से 12 रुपये प्रति किलो तक कम होगा। सरकार ने दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, पटना, रांची, बेंगलुरु, चंडीगढ़ जैसे बड़े बाजारों के लिए यह स्टॉक जारी किया है।