सेना प्रमुख विपिन रावत के आतंकियों के समर्थकों को चेतावनी वाले बयान का रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने समर्थन किया है। परिकर ने जोर देकर कहा कि सेना उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है जो आतंकियों की मदद करते हैं।
परिकर ने ये भी स्पष्ट किया कि कश्मीर की सड़कों पर मौजूद हर एक व्यक्ति के साथ सेना आतंकियों के मददगार की तरह व्यवहार नहीं करेगी। सेना स्थानीय तौर पर परिस्थिति के अनुरूप फैसले ले सकती है। जो लोग भी आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने बाधा डालने वाले लोग उन्हें सुरक्षित रखने की कोशिश करते हैं।
सेना ऐसे में सीआईसीटी (काउन्टर इंसरजेन्सी एन्ड काउन्टर टेररिज्म) के लिए स्वतंत्र है, इसके लिए स्थानीय कमांडर फैसला ले सकते हैं। परिकर ने कहा कि इस तरह के फैसले विशेष जानकारी के आधार पर लिए जाते हैं। आर्मी चीफ बिपिन रावत ने बुधवार को सुरक्षा बलों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।
सेना प्रमुख ने दी थी सख्त चेतावनी
- फोटो : Social Media
सेना प्रमुख विपिन रावत ने बुधवार को आतंक विरोधी ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों को सपोर्ट करने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा, आतंकवादियों के एनकाउंटर और दूसरे आतंक विरोधी अभियानों के दौरान जो लोग बाधा डालते हैं, उनके साथ भी आतंकवादियों जैसा ही सलूक किया जाएगा।
दिल्ली में शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सैन्य प्रमुख ने कहा था कि, आतंकी संगठनों को बाहर से सपोर्ट करने वालों को भी कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकल लोग जो आतंक को जारी रखना चाहते हैं या आईआईएस और पाकिस्तान का झंडा फहराते हैं, उनके साथ भी राष्ट्रविरोधियों की तरह ही व्यवहार किया जाएगा।
बताते चलें कि बीते कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के साथ सुरक्षाबलों के मुठभेड़ के दौरान कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका भी सामने आई है। वे सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी करते हुए नजर आएं। यही नहीं, उन्होंने आतंकवादियों का भगाने में मदद भी की।
मंगलवार को कश्मीर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक मेजर सहित सेना के चार जवान शहीद हो गए। वहीं, एक नागरिक और सेना के 8 जवान घायल भी हो गए। इस दौरान सेना ने चार आतंकवादियों को भी ढेर कर दिया।