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संसदीय समिति की सिफारिश: आतंकियों पर प्रतिबंध के लिए UN में पुरजोर आवाज उठाए सरकार, तत्काल तंत्र बनाने पर जोर

Tue, 06 Feb 2024 07:59 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

समिति ने कहा कि भारत में आतंकवाद की समस्या बड़े पैमाने पर सीमा पार से प्रायोजित है क्योंकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकवादी संगठनों को पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई की ओर से सुरक्षित पनाहगाह, सामग्री सहायता, वित्त और अन्य रसद प्रदान की जाती है।
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भारतीय संसद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद की एक स्थायी समिति ने सरकार से आतंकवादियों और आतंकवादी संस्थाओं की सूची पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध व्यवस्था का गैर-राजनीतिकरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया। समिति ने यह भी कहा कि भारत अलकायदा और आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकवादी समूहों के लिए एक भर्ती लक्ष्य बना हुआ है। विदेश मामलों पर समिति की रिपोर्ट चीन के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति की ओर से पाकिस्तान स्थित कई आतंकवादियों की सूची को अवरुद्ध करने की चालबाजियों के बीच आई है।

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समिति ने कहा कि भारत में आतंकवाद की समस्या बड़े पैमाने पर सीमा पार से प्रायोजित है क्योंकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकवादी संगठनों को पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई की ओर से सुरक्षित पनाहगाह, सामग्री सहायता, वित्त और अन्य रसद प्रदान की जाती है। समिति की राय थी कि सभी आतंकवादी नेटवर्कों को नष्ट कर ही देश में आतंकवादी हमलों पर अंकुश लगाया जा सकता है। 

कट्टरपंथ के खिलाफ वैश्विक स्तर पर निभानी होगी प्रमुख भूमिका
समिति ने कहा, भारत को कट्टरपंथ और चरमपंथी विचारधारा के प्रसार को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर उपाय विकसित करने में प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए।

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