मणिपुर के शरणार्थी शिविरों में 6,164 बच्चे और 232 गर्भवती महिलाएं रह रहीं
सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि मणिपुर के शरणार्थी शिविरों में छह महीने से छह साल की उम्र के 6,164 बच्चों के अलावा 232 गर्भवती महिलाएं रही रहीं हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इनके अलावा 2,638 किशोरियां और 753 स्तनपान कराने वाली माताएं भी रह रहीं हैं, जो पास के आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़े हुए हैं। मणिपुर के शरणार्थी शिविरों में रहने वाली महिलाओं और बच्चों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं पर लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पूर्वोत्तर राज्य में ऐसे शिविरों में विस्थापित व्यक्तियों को दी जा रही सहायता पर अद्यतन जानकारी दी।
पिछले 5 वर्षों में फ्लेक्सी, तत्काल, प्रीमियम तत्काल किराये से रेलवे को कुल 5 फीसदी राजस्व मिला : वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि रेलवे ने 2018-19 से 2022-23 तक फ्लेक्सी फेयर, तत्काल और प्रीमियम तत्काल टिकटों से अपने कुल राजस्व का लगभग 5 प्रतिशत कमाया। इसके अलावा, यात्रियों द्वारा टिकट रद्द करने पर जमा की गई राशि को अलग से व्यवस्थित नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रतीक्षा सूची वाले टिकट के मामले में क्लर्केज शुल्क को छोड़कर पूरी राशि वापस की जाती है।
संसद : 3.5 फीसदी किशोर गेमिंग विकार से पीड़ित : शिंदे
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में गेमिंग एप की बढ़ती लोकप्रियता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश के युवा इनके आदी हो रहे हैं। शून्यकाल के दौरान शिंदे ने कहा कि 3.5 प्रतिशत किशोर गेमिंग विकार से पीड़ित हैं और कई मामलों में इससे लोगों के लिए वित्तीय संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि देश में ऑनलाइन गेमिंग की लत एक समस्या है, खासकर जंगली रम्मी जैसे खेलों के मामले में। इन रुझानों का विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल युवाओं को प्रभावित करता है, बल्कि समाज के विभिन्न स्तरों पर भी गहरी छाप छोड़ता है। 2025 तक ऑनलाइन गेमिंग का बाजार करीब 30 अरब अमेरिकी डॉलर का हो जाएगा। इस बाजार में जंगली रम्मी का बड़ा हिस्सा है जिसमें सट्टेबाजी शामिल है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इस पर कड़े कानून बनाने की जरूरत है।
डीआरडीओ ने नोवल मैटेरियल का इस्तेमाल कर तैयार की बुलेट प्रूफ जैकेट : सरकार
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि डीआरडीओ ने सबसे हल्के फ्रंट हार्ड आर्मर पैनल (एफएसएपी) से युक्त बुलेट प्रूफ जैकेट (बीपीजे) तैयार की है, जिसके लिए नोवल मैटेरियल के साथ-साथ नई प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया है। इस जैकेट को दो विन्यासों इन-कंजंक्शन-विद (आईसीडब्ल्यू) और एफएचएपी के विभिन्न क्षेत्रीय घनत्व के साथ स्टैंडअलोन में विकसित किया गया है। इसके उत्पादन के लिए डीआरडीओ की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) नीति और प्रक्रिया के अनुसार विकसित प्रौद्योगिकी को भारतीय उद्योगों को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह बीपीजे बीआईएस मानक 17051 का पालन करता है। इसलिए यह स्तर 6 का सबसे हल्का बीपीजे है और मध्यम आकार के लिए इसका वजन करीब 10.01 किलोग्राम है। यह ऑपरेशन के दौरान पहनने की क्षमता एवं सुविधा को बढ़ाता है। इसमें अन्य सुविधाओं के साथ-साथ क्विक रिलीज मैकेनिज्म (क्यूआरएम) की एक अनूठी विशेषता भी है। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 18 लाख एकड़ रक्षा भूमि में से लगभग 10,354 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण है।