प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते सांसद
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संसद में पेगासस मामले में लगातार बवाल जारी है। शुक्रवार को लोकसभा में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे गंभीर मामला बताने का जिक्र करते हुए हंगामा किया। यह बवाल तब हुआ जब सरकार ने पूर्व प्रभाव से कर वसूली का प्रावधान खत्म करने के 'कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2021' को सदन में पारित कराने के लिए पेश किया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रभाव से कर वसूली का प्रावधान खत्म करने का विधेयक सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश व अंतरराष्ट्रीय पंचाट के फैसले के बाद लाया गया है, क्योंकि ये फैसले भारत सरकार के खिलाफ आए हैं। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पेगासस भी गंभीर मामला है। इसी दौरान भारी हंगामा होता रहा। यहां तक कि सभापति को भी अपने माइक्रोफोन बंद करना पड़ा। शोर शराबे के कारण उनकी आवाज नहीं सुनी जा सकी।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा है कि पेगासस जासूसी मामला गंभीर है, यदि इससे संबंधित रिपोर्ट सही हैं तो। इस बीच संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि सरकार सत्र के दौरान सभी मामलों पर चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष नहीं चाहता है।
अब तक सत्र की पूरी कार्यवाही पेगासस जासूसी मामले के चलते हंगामे से बाधित होती रही है। हालांकि अन्य दिनों की तरह शुक्रवार को भी सरकार ने हंगामे के दौरान ही अपने एजेंडे के अनुसार विधेयकों को पारित कराने का सिलसिला जारी रखा। शुक्रवार को भी कई विधेयक पारित किए गए। इसी दौरान लोकसभा ने 'कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2021' को मंजूरी दे दी।
उधर एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने बताया कि कोरोना से मारे गए 101 पत्रकारों को सरकार पांच-पांच लाख की सहायता देगी। इसके लिए सरकार ने 5.05 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।