पाकिस्तान में चुनाव और परिणाम की घोषणा में देरी लगातार सुर्खियों में है। ताजा घटनाक्रम में कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकर ने इमरान खान समर्थित उम्मीदवारों की जीत पर बड़ा बयान दिया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि आठ फरवरी को चुनाव के दिन मोबाइल सेवाओं को निलंबित करने के फैसले से चुनाव प्रक्रिया पर असर पड़ा।
पाकिस्तान में आम चुनाव 2024 संपन्न हो चुके हैं। आठ फरवरी को मतदान के बाद मतगणना का दौर लंबे समय तक चला। वोटिंग खत्म होने के बाद चुनाव आयोग ने लंबे समय तक आधिकारिक चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए। चुनाव परिणाम में अप्रत्याशित देरी के कारण धांधली के आरोप भी लगे। हालांकि, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मतदान और वोटों की गिनती में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। ताजा घटनाक्रम में चुनाव आयोग ने कहा है कि आठ फरवरी को मतदान और उसके बाद वोटों की गिनती के दौरान निलंबित की गई मोबाइल सेवाओं के कारण चुनाव प्रक्रिया में देरी हुई है। आयोग ने कहा कि गुरुवार को इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं के निलंबन के कारण चुनाव परिणाम तुरंत घोषित करने में 'बाधा पैदा' हुई।
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नतीजों में देरी से किसी राजनीतिक दल को नुकसान नहीं हुआ
पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने यह भी दावा किया कि चुनाव परिणामों के एलान में देरी से किसी विशिष्ट राजनीतिक दल को कोई नुकसान नहीं हुआ। यह भी दिलचस्प है कि आयोग का यह दावा पहले के दावे से मेल नहीं खाता। बता दें कि पाकिस्तान आम चुनाव 2024 में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। बहुमत के अभाव में खरीद-फरोख्त के आरोप से जुड़ी खबरें सामने आ रही हैं। ECP ने नेशनल असेंबली के चुनावों का अंतिम परिणाम रविवार को घोषित किया। चुनाव की निष्पक्षता के मुद्दे पर राजनीतिक दलों, आम नागरिकों और पर्यवेक्षकों ने आयोग को कठघरे में खड़ा किया है।
इमरान समर्थित नेताओं की जीत पर पाकिस्तान के कार्यवाहक पीएम काकर का बयान
दूसरी तरफ पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल हक काकर ने भी चुनाव प्रक्रिया और जीतने वाले नेताओं को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2024 के आम चुनाव में सभी प्रत्याशियों के लिए समान अवसर थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन वाले नेताओं को बड़ी संख्या में मिली जीत के संबंध में कहा, उनकी सरकार ने सभी दलों और नेताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए। यही कारण है कि जेल में बंद होने के बावजूद पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ से समर्थन हासिल करने वाले नेताओं को बड़ी संख्या में जीत मिली।
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किस दल को कितनी सीटें? ECP ने दी जानकारी
गौरतलब है कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के लिए कराए गए चुनाव के अंतिम नतीजों के मुताबिक, पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने 101 सीटें जीतीं। इमरान के प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) को 75 सीटें मिलीं। तीसरी पार्टी के रूप में पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी-पी) सामने आई। जरदारी की पार्टी को 54 सीटें मिलीं। एक अन्य दल मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) ने 17 सीटें हासिल कीं, जबकि अन्य को आठ सीटें मिलीं।