देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सन 1993 में एक के बाद एक हुए बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से ज्यादा घायल हुए थे। इन धमाकों का मास्टरमाइंड था अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम।
दाऊद धमाकों से पहले ही भारत छोड़कर परिवार सहित पाकिस्तान भाग गया था। भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि दाऊद पाकिस्तान में रह रहा है और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसे शरण दी हुई है। हालांकि पाकिस्तान हमेशा इसे नकारता रहा है।
भारत सरकार ने अमेरिका की मदद से दाऊद इब्राहिम का नाम विश्वस्तरीय आतंकवादियों के समर्थकों की सूची में शामिल करवाया था। साल 2003 में तैयार सूची के मुताबिक एक पुलिस कांस्टेबल के बेटा दाऊद इब्राहिम पिछले तीन दशकों में भारतीय अंडरवर्ल्ड के सबसे बड़े अपराधियों में से एक है।
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इस सूचना में कहा गया है कि वो नशीली दवाओं की तस्करी में भी शामिल है और उसने भारत विरोधी इस्लामी आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा को भी आर्थिक सहायता पहुंचाई है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक दाऊद इब्राहिम और पूर्व अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के बीच लेनदेन भी हुआ था। दाऊद ने 1990 के दशक में तालिबान की देखरेख में अफगानिस्तान की यात्रा भी की थी।
करीम लाला की गैंग से शुरुआत
दाऊद इब्राहिम का जन्म 27 दिसंबर, 1955 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में हुआ था। उसका असली नाम शेख दाऊद इब्राहिम कास्कर है। उसके पिता शेख इब्राहिम अली कास्कर मुंबई पुलिस में हवलदार थे। उन दिनों मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला गैंग का राज चलता था।
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स्कूली दिनों में बिगड़ी सोहबत की वजह से दाऊद भी इस गैंग के लिए काम करने लगा। वह फिल्म फाइनेंसिंग और सट्टेबाजी का भी काम करने लगा था। सीबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उसका कद पांच फुट चार इंच है और उसकी बायीं भौं पर तिल है। भारत में न रहते हुए भी वह यहां फिरौती, जालसाजी, आतंकी हमले और धोखाधड़ी के अपराधों को अंजाम देता रहता है।
एक चेहरे के कई नाम, कई पहचान
वरिष्ठ लेखक और पत्रकार एस. हुसैन जैदी की किताब 'डोंगरी से दुबई तक' में इस राज का खुलासा हुआ है कि दाऊद इब्राहिम के 13 नाम हैं। जब वह अंडरवर्ल्ड में ट्रेनी था उस समय उसे 'मुच्छड़' नाम से पुकारते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि उसकी मूछें मोटी और घनी थीं। लेकिन भारत से भागने के बाद वह लगातार अपना नाम और पहचान बदलता रहा है। कहा जाता है कि हुलिया बदलने के लिए उसने कई बार अपने चेहरे की सर्जरी भी कराई है। पाकिस्तान में बसने पर उसने अपना नाम भी बदल लिया था।
उसके 13 नकली नामों से एक शेख दाऊद हसन भी है। यह नाम पाकिस्तान में उसकी पहचान है। इसके अलावा उसे डेविड और भाई भी कहते हैं। भारत में मौजूद लोगों को जब वह फोन करता है तो हाजी साहब या फिर अमीर साहब के नाम से पहचान कराई जाती है।
पाकिस्तान में डॉन का ठिकाना
हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने उसे लगभग तीन दशक से शरण दे रखी है। हालांकि उसने इसे कभी स्वीकार नहीं किया। लेकिन भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान को सौंपे गए डोजियर में उसके कराची के पते का उल्लेख किया गया है। कराची में दाऊद के दो किलेनुमा ठिकाने हैं।
उसका पहला पता है:
6ए, खयाबान-ए-तंजीम, फेज 5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची
इसी शहर में उसका दूसरा पता है:
डी13, ब्लॉक 4, सेक्टर 5, कराची डेवलेपमेंट अथॉरिटी, क्लिफटन, कराची
डॉन का परिवार
दाऊद के साथ पाकिस्तान में उसकी बीवी महजबीं शेख, इकलौता बेटा मोइन नवाज और तीन बेटियां माहरुख, मेहरीन और माजिया भी रहती हैं। उसकी एक बेटी की मौत हो चुकी है।