बदलापुर दुष्कर्म मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की मौत को लेकर विपक्ष ने महाराष्ट्र पुलिस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार और पुलिस को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोपी अक्षय शिंदे की मौत की जांच की मांग की है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की है। पुलिस पर सवाल उठाना गलत है।
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि आरोपी अक्षय शिंदे की निर्मम हत्या की गई है। कोई भी विश्वास नहीं करेगा कि यह एक मुठभेड़ थी। यह एक काला दिन है। महाराष्ट्र पुलिस की एक समय बड़ी प्रतिष्ठा थी। मैंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जांच की मांग की है। मुठभेड़ कुछ अन्य लोगों को बचाने के लिए की गई थी। इस अपराध के असली अपराधियों को कभी सामने नहीं आएंगे। महाराष्ट्र के लोग सच्चाई जानना चाहते हैं।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि आरोपी अक्षय शिंदे को कानून के अनुसार फांसी दी जानी चाहिए थी, लेकिन उसे तलोजा जेल से स्थानांतरित करते समय गृह विभाग की कार्रवाई संदिग्ध है। उन्होंने घटना की जांच की मांग की। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह चौंकाने वाला है। इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि क्या यह मुठभेड़ स्कूल के ट्रस्टियों को बचाने के लिए की गई थी। जिन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। शिवसेना (उद्धव) के नेता और प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि गृहमंत्री और पुलिस को मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करना चाहिए क्योंकि इस घटना को लेकर संदेह है। सरकार और पुलिस को स्पष्टीकरण देना चाहिए और जनता को बताना चाहिए कि क्या हुआ था?
वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने कहा कि बदलापुर कांड के आरोपी का एनकाउंटर अच्छी खबर है। जो लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे आरोपियों के साथ खड़े हैं या महाराष्ट्र पुलिस के साथ। जब यह घटना हुई तो यही लोग कह रहे थे कि आरोपियों को सार्वजनिक रूप से सजा मिलनी चाहिए और आज वे इस पर सवाल उठा रहे हैं। मैं सभी विपक्षी नेताओं से अपील करूंगा कि वे महाराष्ट्र पुलिस के साथ खड़े हों। न कि आरोपियों के लिए आंसू बहाएं।
दरअसल महाराष्ट्र के बदलापुर में अगस्त महीने में हुए दुष्कर्म के आरोपी अक्षय शिंदे ने पुलिस हिरासत में पुलिस की रिवॉल्वर छीनकर गोली चलाई थी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि अस्पताल में अक्षय शिंदे ने दम तोड़ दिया। घटना में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।
शिंदे के खिलाफ पूरे सबूत थे: वकील
बदलापुर मामले में सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा कि आरोपी अक्षय शिंदे के खिलाफ दो आरोपपत्र दायर किए गए थे। शिंदे के खिलाफ पर्याप्त सबूत थे। इसी वजह से शिंदे ने जीवन समाप्त करने की कोशिश की। हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते यह संभावना है। न्यायिक जांच से इस मामले में सच्चाई सामने आ जाएगी। निकम ने कहा कि दोनों युवतियों ने पहले ही अक्षय शिंदे की पहचान कर ली थी और महाराष्ट्र पुलिस ने उसके खिलाफ अन्य सबूत भी एकत्र कर लिए थे। मुठभेड़ को लेकर सवाल किए जाने पर निकम ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना अनुचित होगा।