भारतीय रेल ने स्पष्ट कर दिया है कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद ट्रेन टिकट बुकिंग को कभी स्थगित नहीं किया गया है। साथ ही रेलवे ने यह भी साफ कर दिया है कि रियायती टिकटों का लाभ फिलहाल मरीजों, छात्रों और दिव्यांगों को ही मिलेगा।
दरअसल भारतीय रेल ने 19 मार्च को आदेश जारी कर इन श्रेणियों को छोड़कर सभी रियायतों को स्थगित कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक यह आदेश अभी वापस नहीं लिया गया है। लॉकडाउन के दौरान लोग कम से कम यात्रा करें, इसी वजह से यह आदेश जारी किया गया था।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम समय आने पर आदेश को वापस ले लेंगे। फिलहाल, वायरस के प्रसार को देखते हुए हम लोगों को अगले दो-तीन महीने यात्रा नहीं करने का संदेश देना चाहते हैं। वे इंतजार कर सकते हैं और अपनी टिकटें बुक कर सकते हैं, कोई जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। अगर वे जल्दबाजी करेंगे तो उन्हें रियायत नहीं मिलेगी। हमने कभी नहीं कहा कि हम रियायतें स्थायी रूप से वापस ले रहे हैं।
भारतीय रेल ने स्पष्ट किया कि 14 अप्रैल के बाद यात्रा के लिए आरक्षण कभी स्थगित नहीं किया गया था। साथ ही यह भी कहा कि टिकटें आरक्षित करने के लिए अग्रिम आरक्षण अवधि 120 दिनों की है।