महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से मृत 65 वर्षीय व्यक्ति के परिजनों ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उपनगर मलाड में कब्रिस्तान के न्यासियों द्वारा शव दफनाने से मना करने के बाद उसे जलाना पड़ा। यह घटना बुधवार की है। मृतक मालवाणी के कलेक्टर परिसर में रहता था और जोगेश्वरी स्थित बीएमसी के अस्पताल में बुधवार तड़के उसकी मौत हुई थी।
मृतक के परिवार के सदस्य ने आरोप लगाया कि शव को मलाड के मालवाणी कब्रिस्तान ले जाया गया लेकिन न्यासियों ने यह कह कर शव को दफनाने से इनकार कर दिया कि मृतक कोरोना वायरस से संक्रमित था। उन्होंने कहा कि यह तब किया गया जब महानगर पालिका ने सुबह चार बजे शव को दफनाने की अनुमति दी थी।
परिवार के सदस्य ने बताया कि स्थानीय पुलिस और एक स्थानीय नेता ने हस्तक्षेप की कोशिश की और न्यासियों से शव दफनाने की अनुमति देने का आग्रह किया लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने बताया कि इसके बाद कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप किया और नजदीक स्थित शमशान भूमि में शव को जलाने का अनुरोध किया। परिवार की सहमति से सुबह 10 बजे शव को जलाया गया।