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One Nation One Election: एक साथ चुनाव पर कोविंद समिति कब देगी रिपोर्ट? डेडलाइन पर सरकार ने संसद में दिया जवाब

Fri, 02 Feb 2024 06:08 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं पर मंथन कर रही समिति की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कर रहे हैं। कानून मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि इस समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कोई डेडलाइन नहीं दी गई है।
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केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (वीडियो ग्रैब) - फोटो : sansad tv youtube
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विस्तार
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देश में एक साथ चुनाव (One Nation One Election) कराने की संभावनाओं पर विचार कर रही सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामानाथ कोविंद की अध्यक्षता में समिति गठित की है। समिति एक साथ चुनाव कराने से जुड़े तमाम पहलुओं पर विचार कर रही है। ताजा घटनाक्रम में कानून मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के जवाब में अहम जानकारी दी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संसद के बजट सत्र के तीसरे दिन एक लिखित जवाब में लोकसभा को बताया कि कोविंद समिति को कोई डेडलाइन नहीं दी गई है।
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राजनीतिक दलों की तरफ से 35 प्रतिक्रियाएं मिलीं; कोई डेडलाइन तय नहीं
मेघवाल ने बताया कि कोविंद समिति को देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावनाओं पर राजनीतिक दलों की तरफ से 35 प्रतिक्रियाएं मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस उच्च स्तरीय समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कोई समयसीमा नहीं दी गई है। सरकार से यह भी पूछा गया कि क्या समिति के लिए विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे सुझावों पर विचार करने के लिए कोई समय सीमा तय की गई है? इस सवाल पर भी मेघवाल ने कहा कि समिति के सामने समय की पाबंदी नहीं है।

समिति किन चुनावओं और पहलुओं पर मंथन करेगी
गौरतलब है कि सरकार ने सितंबर, 2022 में पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था। इस समिति को मौजूदा संवैधानिक ढांचे का ध्यान रखते हुए लोकसभा, राज्यों की विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों में एक साथ चुनाव की संभावनाओं पर मंथन के बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। समिति चुनावी खर्च, सुरक्षाबलों की जरूरत, चुनाव और मतदानकर्मियों की उपलब्धता जैसे पहलुओं पर विचार के बाद सरकार को देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी।
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पैनल में कौन-कौन शामिल हैं? सुझाव भेजने के लिए वेबसाइट का गठन
पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली समिति में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद, कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी कश्यप व पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी भी शामिल हैं। एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए एक वेबसाइट www.onoe.gov.in तैयार की गई है। इस पर सुझाव दिए जा सकते हैं।

एक राष्ट्र एक चुनाव पर कोविंद ने पूर्व हाईकोर्ट जजों से की चर्चा
इस बीच, एक राष्ट्र एक चुनाव की संभावनाएं तलाश रही उच्च स्तरीय समिति का नेतृत्व कर रहे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को समिति की पांचवीं बैठक के दौरान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों के साथ चर्चा की। वहीं, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधिमंडल ने समिति के समक्ष एक प्रस्तुति दी, जिसमें एक राष्ट्र, एक चुनाव के असर और इस पर उद्योग के विचार रखे गए। कोविंद ने बिहार के मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन के साथ भी बातचीत की।

समिति ने राजनीतिक दलों के अलावा जनता से भी सुझाव मांगे
इससे पहले जनवरी के तीसरे हफ्ते में हुई समिति की तीसरी बैठक में यह बात सामने आई कि देशभर से 20972 सुझाव मिले हैं। समिति के मुताबिक सुझावों से संकेत मिलता है कि देश की 81 फीसदी जनता एक राष्ट्र, एक चुनाव के पक्ष में है। इसके अलावा समिति ने 46 राजनीतिक दलों से भी सुझाव मांगे थे। अब तक सिर्फ 17 दलों ने ही सुझाव दिए हैं। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों ने देश में एकसाथ चुनाव कराने के विचार का विरोध किया है।
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