पाक सेना द्वारा विंग कमांडर को हिरासत में लेने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया जताई और पीएम मोदी, एनएसए डोभाल व सैन्य अधिकारियों ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद तत्कालीन रॉ प्रमुख अनिल धस्माना को पाक गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के ले. जनरल सैयद असीम मुनीर अहमद शाह के प्रमुख से बात करने व भारत का सख्त संदेश देने को कहा गया। इस पर धस्माना ने शाह को स्पष्ट कहा कि यदि विंग कमांडर अभिनंदन को नुकसान पहुंचाया तो पाकिस्तान को गंभीर अंजाम भोगना पड़ेंगे। इसके साथ ही उन्हें तत्काल व सुरक्षित रिहा करने की चेतावनी भी दी गई।
भारत की चेतावनी व सख्त रुख के आगे पाकिस्तान झुका और आखिरकार पाक पीएम इमरान खान ने 28 फरवरी 2019 को पाक संसद यानी नेशनल असेंबली में घोषणा की कि अभिनंदन वर्धमान को रिहा किया जा रहा है। यह शांति का संदेश है। इसके बाद जब एक मार्च 2019 को अभिनंदन वर्धमान वाघा बॉर्डर से भारत लौटे तो उनकी तरह ही भारतवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया था।