देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए भारतीय रेलवे ने स्टेशनों और ट्रेनों में सख्ती बरतनी शुरू कर दिया है। देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की बगैर मास्क एंट्री नहीं हो सकेगी। वही रेलवे ने कोरोना संक्रमण को रोकने और कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर इलाज देने संबंधी निर्देश भी जारी किए हैं।
मौजूदा समय में पूरे देश में कोविड मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। इसी को देखते हुए हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, जीएम और डीआरएम के साथ मीटिंग कर इंतजामों की वर्चुअल समीक्षा की है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने विभिन्न रेलवे जोन और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों के लिए रेलवे अस्पतालों और बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे के उपयोग को सुविधाजनक बनाया जाए।
स्टेशनों पर अचानक प्रवासियों की भीड़ बढ़ने पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि हालात को सामान्य रखने में मदद की जा सके। वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ वी के त्रिपाठी, बोर्ड के सदस्य, रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ सभी जोनल रेलवे/पीएसयू के महाप्रबंधक (जीएम) और मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) शामिल हुए।
संक्रमण रोकने के लिए रेलवे की नई गाइडलाइंस
- रेलवे स्टेशनों पर बिना मास्क के लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी। स्टेशनों पर मास्क लगाने, हाथों की सफाई और अन्य एहतियाती उपायों के बारे में लगातार घोषणाएं की जाएंगी। मास्क पहनने और अन्य एहतियाती उपायों को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
- कोविड की वर्तमान स्थिति के दौरान आपात स्थिति में विशेष स्टेशनों के संचालन या रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों/प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि की समीक्षा नियमित होगी ताकि हालात सामान्य करने में मदद मिल सके।
- रेलवे के कर्मचारी और उनके बच्चों का टीकाकरण और रेलवे के फ्रंटलाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज देने का प्रावधान किया गया है। दवाओं की उपलब्धता, ऑक्सीजन की आपूर्ति, जिओलाइट स्टॉक और अन्य आवश्यक चिकित्सा सहायता और वैंटिलेटर की कार्यप्रणाली, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक और अन्य जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी फैसला लिया गया है।
- ऑक्सीजन संयंत्रों को चालू करने को भी प्राथमिकता दी गई है। कुल स्वीकृत ऑक्सीजन संयंत्रों में से 78 पहले ही शुरू हो चुके हैं और 17 को चालू होना बाकी है।