कोरोना वायरस के नए और अत्यधिक संक्रामक माने जा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा बढ़ता जा रहा है। अब यह फ्रांस और जापान तक पहुंच गया है और दोनों देशों में इसके पहले मामले की पुष्टि हुई है। दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन के पहले मामले की पुष्टि होने से हफ्ते भर पहले ही यह वायरस पुर्तगाल पहुंच गया था। कुल मिलाकर कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमिक्रॉन 13 देशों में पहुंच चुका है। इस खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने नए दिशा-निर्देश में कहा कि ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से यात्रियों को भारत पहुंचते ही अनिवार्य कोरोना जांच के साथ सात दिन एकांतवास में रहना होगा।
फ्रांस सरकार के प्रवक्ता गैब्रियल अट्टल ने 'यूरोप 1 रेडियो स्टेशन' के साथ एक साक्षात्कार में हिंद महासागर स्थित फ्रांसीसी द्वीप क्षेत्र 'रीयूनियन' में वायरस के नए स्वरूप का पहला मामला सामने आने की पुष्टि की। यहां ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया गया 53 वर्षीय व्यक्ति मोजाम्बिक की यात्रा पर गया था और 'रीयूनियन' लौटने से पहले दक्षिण अफ्रीका में रुका था। उसे आइसोलेशन में रखा गया है और उसे मांसपेशियों में दर्द और थकान की शिकायत है।
उधर, नीदरलैंड के स्वास्थ्य प्रशासन ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि होने से पहले ही यह देश में पहुंच गया था। नीदरलैंड में 19 और 23 नवंबर को जिन संक्रमितों के नमूने लिए गए थे, उनमें ओमिक्रॉन पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण अफ्रीका में 24 नवंबर को ओमिक्रोन का पहला मामला मिलने की पुष्टि की थी।
विदेशियों के लिए जापान की सीमाएं बंद
उधर, जापान ने सोमवार को विदेशियों के लिए अपनी सीमाओं को बंद करने की घोषणा की। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ने ओमिक्रॉन की वजह से इस्राइल के बाद सबसे सख्त कदम उठाए हैं। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा है कि अब तक की सबसे खराब स्थिति को रोकने के लिए जापान मंगलवार से एहतियात के तौर पर विदेशियों के लिए अपनी सीमाएं बंद कर देगा। पीएम ने इसे अस्थायी और असाधारण उपाय बताया, जो सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
ओमिक्रॉन के बारे में स्पष्ट जानकारी न मिलने तक उन्होंने ये उपाय जरूरी बताए। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सभी सदस्य देशों को चेताया है कि ओमिक्रॉन के कुछ क्षेत्रों में गंभीर परिणाम हो सकते हैं और इसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने की आशंका है।
वहीं, ब्रिटेन ने कहा कि वह शक्तिशाली देशों के समूह जी-7 के स्वास्थ्य मंत्रियों की तत्काल एक बैठक बुला रहा है। इसके साथ ही ब्रिटेन ने बताया कि ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी से वृद्धि के चलते वैक्सीन की बूस्टर डोज देने के कार्यक्रम को वह आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
दूसरी तरफ सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ टीकाकरण के आधार पर शुरू की गई यात्रा सुविधाओं को फिलहाल टालने का फैसला किया है। इससे पहले इस्राइल ने रविवार की मध्यरात्रि से प्रतिबंध लागू कर दिया। दक्षिण अफ्रीकी देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगा चुके ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि जानकारी के आधार पर समझदारी से निर्णय लिया जाएगा।
एक राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक के बाद एक दिसंबर से कुशल प्रवासियों और छात्रों के लिए सीमाओं को फिर से खोलने की योजना की समीक्षा की जाएगी। भारत ने भी बुधवार से सभी हवाई अड्डों पर जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड-19 परीक्षण के आदेश दिए हैं। एजेंसी
टीकाकरण तेज करने की सलाह
डब्ल्यूएचओ ने सदस्यों से उच्च प्राथमिकता वाले समूहों के टीकाकरण में तेजी लाने और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त बनाए रखने का आग्रह किया है। अमेरिका में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. फ्रांसिस कॉलिन्स ने कहा कि अभी तक कोई डाटा यह नहीं बताता है कि ओमिक्रॉन कोविड-19 के पिछले किसी वैरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। हालांकि, इसके तीव्र प्रसार की क्षमताओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
कॉलिन्स ने कहा कि हम नहीं जानते कि यह डेल्टा की तुलना में कितना खतरनाक है। फिलहाल, टीकाकरण, बूस्टर डोज, शरीरिक दूरी और मास्क जैसे उपायों पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति के सलाहकार महामारी विशेषज्ञ डा. फॉसी ने कहा कि ओमिक्रॉन से जुड़ी सटीक जानकारी आने में अभी कम से कम दो सप्ताह लगेंगे। इसके बाद ही ओमिक्रॉन की तीव्रता, प्रसार और अन्य विशेषताओं का पता लगेगा।