सिम बॉक्स का इस्तेमाल मूल फोन नंबर को छिपाने के लिए किया जाता है। इसके जरिये साइबर अपराध, आतंकवादी कृत्यों, जबरन वसूली व अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।
ओडिशा पुलिस ने सिम बॉक्स गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय कॉल को पाकिस्तान, चीन और पश्चिम एशिया की तरफ डायवर्ट करता था। इसके बाद लोगों को साइबर अपराध का शिकार बनाया जाता था। गिरोह का संचालन एक बांग्लादेशी युवक कर रहा था। पुलिस ने गिरोह से जुड़े एक युवक को पकड़ा है।
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मामले में पुलिस ने भुवनेश्वर से पश्चिम बंगाल के राजू मंडल को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक हजार से अधिक सिम कार्ड, राउटर और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। रविवार को स्थानीय अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिम बॉक्स का इस्तेमाल मूल फोन नंबर को छिपाने के लिए किया जाता है। इसके जरिये साइबर अपराध, आतंकवादी कृत्यों, जबरन वसूली व अन्य अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।
भुवनेश्वर कटक कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त संजीव पांडा ने कहा कि गिरफ्तार युवक राजू मंडल भुवनेश्वर में किराये के मकान में रहकर बांग्लादेशी नागरिक असद उर जमान के इशारे पर गिरोह का संचालन करता था। उसका काम यूपीएस, इंटरनेट और अन्य सेवाओं का संचालन सुनिश्चित करना था। पुलिस को पूछताछ में मंडल ने बताया कि वह सिम बॉक्स से जुड़ी किसी भी समस्या को दूर करने, मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्यों के लिए अक्सर भुवनेश्वर आता था।
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उन्होंने कहा कि असद उर जमान अक्तूबर 2023 में अगरतला के रास्ते भारत में दाखिल हुआ और भुवनेश्वर आया था। इसके बाद दिसंबर में बांग्लादेश वापस चला गया था। पुलिस आयुक्त संजीव पांडा ने बताया कि पुलिस राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण और इंटरपोल से भी मदद लेने पर विचार कर रही है। क्योंकि मामले का आरोपी एक बांग्लादेशी नागरिक है।