ओडिशा पुलिस को अखिल भारतीय नौकरी रैकेट से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक फर्जीवाड़ा कर रहे रैकेट का भंडाफोड़ ओडिशा सरकार की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने किया। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के अधिकारियों ने बुधवार को दावा किया कि अखिल भारतीय स्तर पर नौकरी दिलाने के नाम पर रैकेट चलाया जा रहा है। इसमें कथित संलिप्तता के लिए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रैकेट चलाने वाले गिरोह के सदस्य ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में सक्रिय थे।
अधिकारियों ने कहा कि रैकेट का संचालन मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद से चलाया जा रहा था। आर्थिक अपराध शाखा ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से दो हैदराबाद के हैं, जबकि दूसरा ओडिशा का है। तीनों पिछले कुछ महीनों से ओडिशा में डेरा डाले हुए थे और किराए के मकान में रह रहे थे।"
ईओडब्ल्यू ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान 1 लाख रुपये नकद के अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा भी कई आपराधिक दस्तावेज और सामान जब्त करने का दावा किया जा रहा है।
स्कूलों में नौकरी का प्रलोभन, गैर-शिक्षण पदों के लिए आवेदन मांगा
जॉब रैकेट का फर्जीवाड़ा स्थानीय दैनिक में प्रकाशित विज्ञापनों के सहारे हुआ। इस संबंध में ईओडब्ल्यू ने स्वत: संज्ञान लेकर जांच की। बयान में अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने ओडिशा के कुछ स्कूलों में गैर-शिक्षण पदों के लिए आवेदन मांगते हुए विज्ञापन देकर लोगों को धोखा दिया।
दूसरे राज्यों को अलर्ट करेगा ओडिशा
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, जांच शुरू होने के बाद तीन लोगों की गिरफ्तारी तक, इस घोटाले के केवल ओडिशा पहलू की जांच की गई है। अपराध शाखा के मुताबिक उन्होंने कहा कि मामला कई राज्यों से जुड़ा है, ऐसे में गंभीरता को देखते हुए ओडिशा पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस/कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सतर्क किया जाएगा।