डीजीपी एसके बंसल ने कहा कि माओवादी जहां छिपे थे, वहां से विस्फोटक और उनका यूनिफॉर्म बरामद किया गया है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस तलाशी अभियान में 300 जवानों के साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की 12 कंपनियां और डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स शामिल है।
ओडिशा के बुद्ध जिले के नालीकुंभा जंगल में माओवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच मुठभेड़ के एक दिन बाद ओडिशा पुलिस ने अपना तलाशी अभियान तेज कर दिया है। इस तलाशी अमियान में विशेष दस्ता के 300 जवानों को शामिल किया गया है। अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को माओवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच गोलीबारी के बाद तलाशी अभियान चलाया गया है।
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डीजीपी एसके बंसल ने कहा, 'प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया कि माओवादी जहां छिपे थे, वहां से विस्फोटक सामग्री और उनका यूनिफॉर्म बरामद किया गया है।' एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस तलाशी अभियान में 300 जवानों के साथ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की 12 कंपनियां और डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स शामिल है। नालीकुंभा जंगल को चारो तरफ से पुलिसकर्मियों ने घेर लिया है, जिससे की कोई भी माओवादी जंगल से भाग न पाए।
एडीजी देव दत्त सिंह ने बताया, 'नालीकुंभा जंगल में सुरक्षाकर्मियों और माओवादियों के बीच गुरुवार की शाम तक मुठभेड़ जारी रहा। इसमें किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं मिली है।' कंधमाल जिले के दौरे पर गए डीजीपी के समक्ष माओवादियों के दो सदस्यों ने सरेंडर किया। माओवादी रंजीत नैतम और उंगा पोयम पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से ताल्लुख रखते हैं। वे दोनों ही 2017 से माओवादी संगठन से जुड़े थे और कई हिंसक गतिविधियों में भी शामिल थे।