ओडिशा के दिवंगत मंत्री नब किशोर दास और आरोपी गोपाल दास
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झारसुगुडा के एडिश्नल सेशन कोर्ट जज ने शुक्रवार को ओडिशा क्राइम ब्रांच की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरोपी गोपाल दास की दिमागी स्थिति की फिर से जांच कराने की मांग की गई थी। क्राइम ब्रांच ने अपनी याचिका में आरोपी की दिमागी स्थिति की जांच NIMHANS बेंगलुरु से कराने की मांग की थी। बता दें कि ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री रहे नब कुमार दास की गोपाल दास द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
झारसुगुडा के जेएमएफसी-1 कोर्ट ने बीती 19 फरवरी को भी क्राइम ब्रांच की आरोपी की दिमागी जांच कराने की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने जिला न्यायालय में फिर से आरोपी की दिमागी जांच कराने की पुनर्विचार याचिका दाखिल की। जिला न्यायालय ने यह याचिका अतिरिक्त जिला न्यायाधीश को स्थानांतरित कर दी थी। जिसे अब खारिज कर दिया गया है। इससे पहले बीते महीने ओडिशा हाईकोर्ट में आरोपी गोपाल दास के बयान दर्ज किए गए। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसके बयान कराए गए। ओडिशा हाईकोर्ट में नब कुमार दास हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली जनहित याचिका दाखिल की गई थी। हालांकि कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बाहिनीपाथी ने नब कुमार दास हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की अब तक की जांच से नाखुशी जाहिर की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि नब कुमार दास की हत्या साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से की गई है। लोग जांच से खुश नहीं है और क्राइम ब्रांच जांच करने के बजाय आरोपी की दिमागी हालत को लेकर ज्यादा चिंता कर रही है। बता दें कि नब कुमार दास को बीती 30 जनवरी को उन्ही की सुरक्षा में तैनात एएसआई गोपाल दास ने पॉइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारकर हत्या कर दी थी। नब कुमार दास तीन बार से झारसुगुडा विधानसभा से विधायक थे।